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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

गदरपुर। विधायक अरविंद पांडे और उनके बेटे अतुल पांडे पर एक बुजुर्ग महिला ने जमीन घोटाले का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने एसडीएम को शिकायत के साथ साक्ष्य सौंपे हैं, जिसमें बताया गया है कि उनकी चार एकड़ भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर विधायक के बेटे के नाम कर दिया गया।

   सोमवार को जनजाति समाज की एक बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाते हुए एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा को शिकायत के साथ साक्ष्यों की मोटी फाइल सौंपी। सोमवार को गूलरभोज चेयरमैन सतीश चुघ के साथ एसडीएम कोर्ट परिसर पहुंचे पीड़ित परिवार ग्राम सेमलपुरी निवासी नन्नी देवी, संजू कुमार और मंगल सिंह ने धरना दिया। इसके बाद एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपा। उनका आरोप है कि उनकी खतौनी संख्या 20 की करीब चार एकड़ भूमि को कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर विधायक अरविंद पांडे ने अपने पुत्र अतुल पांडे के नाम दर्ज करा लिया है। पीड़ितों का कहना है कि वे बुक्सा जनजाति से हैं और नियमानुसार उनकी भूमि किसी सामान्य वर्ग के व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं की जा सकती। आरोप है कि मुकदमे के दौरान उन्हें डराया-धमकाया गया। पीड़ितों का कहना है कि न्यायालय से जीतने के बाद भी वह अपनी जमीन पर कब्जा नहीं पा सके हैं। पीड़ितों ने दावा किया कि अतुल पांडे ने भूमि पर 50 वर्षों से कब्जे की बात कही है, जबकि वर्ष 2010 में प्रार्थना पत्र दिए जाने के समय उनकी उम्र लगभग 16 वर्ष थी। गूलरभोज चेयरमैन सतीश चुघ ने कहा कि सत्ता के प्रभाव के चलते एक गरीब जनजाति परिवार को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने एसडीएम से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जमीन वापस दिलाने की मांग की, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी। एसडीएम ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और राजस्व विभाग की टीम को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विधायक के बेटे ने आरोपों को किया खारिज

वहीं विधायक अरविंद पांडे के बेटे अतुल पांडे ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं। 

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