


गदरपुर में धर्मांतरण की शिकायतों पर प्रशासन सख्त, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
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गदरपुर। धर्मांतरण संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति ने मंगलवार को ग्राम चकरपुर, रतनपुरा और रामजीवनपुर में व्यापक जांच अभियान चलाया। जांच टीम में उपजिलाधिकारी गदरपुर रिचा सिंह एवं नायब तहसीलदार देवेंद्र बिष्ट भी शामिल रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इससे पूर्व ग्राम रामजीवनपुर में अवैध रूप से संचालित एक चर्च को सील किया जा चुका है। वहीं 11 मई 2026 को हुई कार्रवाई के दौरान चर्च के पास्टर सुरेंद्र सागर द्वारा बुढ़िया कॉलोनी, शीला मजरा रामजीवनपुर में आवासीय भूमि पर अवैध रूप से प्रार्थना सभा स्थल निर्मित किए जाने का मामला भी सामने आया था, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की गई थी।
इसी क्रम में चकरपुर निवासी श्वेता ने उपजिलाधिकारी गदरपुर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि रोहित नामक युवक द्वारा ईसाई धर्म के रीति-रिवाज के अनुसार उसका बपतिस्मा कराकर धर्म परिवर्तन कराया गया तथा बाद में उसी परंपरा के तहत विवाह किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि वर्तमान में उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है तथा उसके माता-पिता और भाई पर भी ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है।
शिकायत के आधार पर एडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति ने ग्राम चकरपुर पहुंचकर मामले की जांच की। इस दौरान श्वेता के बयान दर्ज किए गए। जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि बपतिस्मा के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराया गया था। साथ ही प्रताड़ना एवं परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाए जाने संबंधी आरोपों की भी जांच की गई।
टीम ने इसके अलावा ग्राम रतनपुरा एवं रामजीवनपुर का भी निरीक्षण किया। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान कई लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक सभाएं आयोजित की जा रही हैं तथा लोगों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन न करने पर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है।
अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने निरीक्षण और दर्ज बयानों के आधार पर धर्मांतरण से संबंधित शिकायतों को प्रथम दृष्टया सही पाया है। मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
