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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

पंजाब। कभी शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान तक फिसल चुका पंजाब अब देश का नंबर-1 स्कूली शिक्षा वाला राज्य बन गया है। नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 के अनुसार पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। यह बदलाव सिर्फ रैंकिंग का नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता, छात्रों के प्रदर्शन और आधुनिक सुविधाओं में हुए बड़े सुधार का परिणाम है।

रिपोर्ट के मुताबिक तीसरी कक्षा के भाषा और गणित परिणामों से लेकर नौवीं कक्षा के गणित प्रदर्शन तक पंजाब ने कई मानकों पर बढ़त बनाई है। राज्य के लगभग सभी सरकारी स्कूलों में बिजली, कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 80% से अधिक स्कूल स्मार्ट क्लासरूम से लैस हैं। शिक्षकों को फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में प्रशिक्षण दिया गया, हजारों नई भर्तियां हुईं और स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसे मॉडल शुरू किए गए। यही वजह है कि सरकारी स्कूलों के सैकड़ों छात्रों ने JEE Main और NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की है। पंजाब की यह उपलब्धि दिखाती है कि सही नीतियों और निवेश से सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव है।

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