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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

देहरादून (संवाद सूत्र)उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद धामी मंत्रिमंडल का जल्द हो सकता है। मंत्री अग्रवाल के इस्तीफे के के बाद धामी कैबिनेट में अब कुल पांच पद खाली हो गए हैं। कैबिनेट विस्तार से पहले भाजपा हाईकमान से भी विचार-विर्मश करने की चर्चाएं हो रहीं हैं।

राजनीतिक सूत्रों की बात मानें तो अग्रवाल के इस्तीफे के बाद बीजेपी विधायकों ने भी फिल्डिंग करनी शुरू कर दी है। दिल्ली से लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक को अपने आप को बेहतर मंत्री साबित करने की कोशिश की जा रही है।

सूत्र बताते हैं कि हाईकमान धामी कैबिनेट के विस्तार से पहले विधायकों के अनुभव के साथ ही उनकी लोकप्रियता पर जमकर मंथन करेगा। धामी कैबिनेट का अगर विस्तार होता तो सरकार के सामने उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों के बीच समन्वय बनाने की भी चुनौती होगी।

फिलहाल बिना किसी जल्दबाजी के सरकार हर पहलुओं पर जमकर मंथन करने में जुटी हुई है।दूसरी ओर, उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद कैबिनेट में पांच पद खाली हो गए हैं। कहा कि धामी सरकार जल्द ही विस्तार होगा।

सूत्रों की बात मानें तो विगत दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह नई दिल्ली में बीजेपी हाईकमान के साथ मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा भी की है। ऐसे में अब जल्द कैबिनेट फेरबदल की संभावना है। मंत्रिमंडल में इन चेहरों को लेकर चल रही चर्चा कैबिनेट में खाली चल रहे पदों के लिए भाजपा के कई विधायकों के नाम उछल रहे हैं।

जिन विधायकों के नाम सर्वाधिक चर्चाओं में हैं उनमें देहरादून से विनोद चमोली, खजानदास, उमेश शर्मा काऊ और मुन्ना सिंह चौहान में से कोई एक हो सकता है। हरिद्वार से मदन कौशिक, आदेश चौहान या प्रदीप बत्रा, टिहरी से विनोद कंडारी, पौड़ी से ऋतु खंडूड़ी, रुद्रप्रयाग से आशा नौटियाल।

नैनीताल से रामसिंह कैड़ा, बंशीधर भगत और पिथौरागढ़ से विशन सिंह चुफाल आदि के नाम शामिल हैं। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष के साथ ही कैबिनेट से कुछ मंत्रियों को हटाकर उनके स्थान पर नए चेहरों को जगह दिए जाने की भी चर्चाएं हैं।

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