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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

रुद्रपुर।  उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 2 जुलाई को राज्य स्तरीय मानसून मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी जनपदों में यह अभ्यास किया जाएगा, ताकि आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों और विभिन्न विभागों के समन्वय का आकलन किया जा सके।

मंगलवार को सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने सभी जिलों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मॉकड्रिल को वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में आयोजित किया जाए, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों, संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण हो सके।

बैठक में सभी जनपदों ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की। ऊधम सिंह नगर की ओर से अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में मॉकड्रिल के लिए पाँच स्थानों का चयन किया गया है। इनमें काशीपुर के 20 नंबर पावर हाउस क्षेत्र, बाजपुर के क्षतिग्रस्त लेबरा पुल, रुद्रपुर मार्ग पर वृक्ष गिरने की स्थिति, सितारगंज के बमनपुरी पुल के तटबंध टूटने तथा खटीमा के गौशाला क्षेत्र में जलभराव जैसे संभावित आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया जाएगा।

इन सभी स्थलों पर संबंधित विभागों की त्वरित कार्रवाई, आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। बैठक में इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) से जुड़े अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, पैरामिलिट्री बल और अन्य एजेंसियों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के अंत में अधिकारियों को सफल मॉक ड्रिल के लिए शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही बताया गया कि 2 जुलाई को आयोजित होने वाले इस राज्य स्तरीय अभ्यास की रिपोर्ट और प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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