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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

देहरादून। धामी सरकार ने इस सत्र में जेंडर बजट बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16961.32 करोड़ का प्रावधा था जो कि इस बार बढ़ाकर 19692.02 करोड़ का प्रावधान किया गया।

नारी सशक्तीकरण के लिए खुला पिटारा

नन्दा गौरा योजनांतर्गत 220.00 करोड़

प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 47.78 करोड़

मुख्यमंत्री बाल पोषण योजनांतर्गत 25.00 करोड़

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजनांतर्गत 30.00 करोड़

मुख्यमंत्री महिला पोषण योजनांतर्गत 13.44 करोड़

मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजनांतर्गत 15.00 करोड़

मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि हेतु- 08.00 करोड़

निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु 05.00 करोड़

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 3.76 करोड़

मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना हेतु 05.00 करोड़

राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना हेतु समग्र रूप से 122 करोड़

मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजनांतर्गत 02.00करोड़

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत का निर्माण- 10.00 करोड़

गंगा गाय महिला डेरी विकास योजनांतर्गत 05.00 करोड़

हर साल बढ़ा जेंडर बजट

उत्तराखंड में 2021-22 में कुल बजट का लगभग 12 प्रतिशत जेंडर बजट था, जो 2022-23 में 13.77 प्रतिशत किया गया। इसके बाद 2023-24 में जेंडर बजट 14 प्रतिशत के आसपास रहा। जबकि 2024-25 में 16 प्रतिशत आवंटित हुआ। 2025-26 में कुल 1,01,175 करोड़ के बजट में जेंडर बजट का हिस्सा करीब 17 प्रतिशत था। बता दें कि प्रदेश सरकार का महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, उद्यमिता विकास, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग व ब्रांडिंग पर फोकस है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आगामी बजट का 30 प्रतिशत हिस्सा महिला सशक्तीकरण के लिए करने की पैरवी कर चुकी हैं।


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कृष्णा वार्ता, गदरपुर

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