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(रिपोर्ट- सागर धमीजा 9837877981)

(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

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डॉक्टर प्रशांत ने बताया नशा समाज के लिए एक अभिशाप है

गदरपुर। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड गदरपुर के पियर एजुकेटर का 6 दिवसीय प्रशिक्षण द्वितीय बैच कार्यक्रम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गदरपुर में गतिमान है।

डॉक्टर प्रशांत ने बताया नशा समाज के लिए एक अभिशाप है

    कार्यक्रम के तृतीय दिवस पर डॉ प्रशांत चौहान द्वारा बताया गया की किशोरावस्था जीवन का अहम पड़ाव है इस आयु वर्ग के किशोर किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सदैव जागरूक रहना चाहिए।

    किशोरावस्था आयु के बच्चों का मन कच्चे घड़े की तरह होता है उसको जिस रूप में डाल लो उसी में ढल जाते हैं अतः बच्चों को अपने शारीरिक एवं मानसिक रूप से होने वाले परिवर्तनों के विषय में व्यापक रूप से सही एवं वैज्ञानिक जानकारियां होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की भ्रांतियां में ना पढ़कर के अपने बड़ों से एवं निकट चिकित्सा इकाइयों/एडोलिसेंट हेल्थ क्लिनिक में आकर के अपनी शंका का निवारण करना चाहिए।

   डॉ प्रशांत चौहान (*चिकित्सा अधिकारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम*) द्वारा पियर एजुकेटर को स्वच्छता एवं पोषण के महत्व के बारे में जानकारियां दी गई तथा एनीमिया अर्थात खून की कमी के कारणों, लक्षणों एवं उससे बचने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। डॉ प्रशांत द्वारा किशोर किशोरियों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर चर्चा की गई तथा नशा समाज के लिए एक अभिशाप है इसकी वजह से घर परिवार एवं समाज की प्रगति रुक जाती है नशे की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे हैं कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई।कार्यक्रम में डॉक्टर रेखा द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता पर किशोरियों को विशेष जानकारियां प्रदान की गई।

   कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती राधा मिगलानी आरकेएस के काउंसलर द्वारा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के महत्व एवं किशोर- किशोरियों की पियर एजुकेटर के रूप में उनकी भूमिका के बारे में बताया गया। श्रीमती राधा मिगलानी द्वारा बताया गया कि उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन दिनांक 13 जनवरी 2024 को होगा एवं इसमें किशोर किशोरियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित 11 मॉडलों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में समर्थ संस्था के श्री दीपांशु एवं प्रियंका द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित गतिविधियों पर पोस्टर चर्चा एवं सामूहिक चर्चा की जाएगी।         

   कार्यक्रम में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की श्रीमती विमला वैद्य स्टाफ नर्स, श्रीमती सोनिया स्टाफ नर्स, श्री आतिश कालरा एवं आशा बहनों द्वारा चर्चा में प्रतिभाग किया गया।

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