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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखण्ड)

नई दिल्ली (संवाद-सूत्र)। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने नये संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोप में गिरफ्तार चार लोगों को बृहस्पतिवार को सात दिन के लिए दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों-मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल शिंदे और नीलम देवी- को एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) मामलों की विशेष न्यायाधीश हरदीप कौर की विशेष अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों को 15 दिन की हिरासत में भेजने का अनुरोध किया, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। अदालत ने आरोपियों को सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के अलावा आतंकवाद-रोधी कानून गैर कानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए हैं। संसद पर 2001 में हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन सुरक्षा में सेंध लगाने की यह घटना हुई। बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। इस घटना के कुछ देर बाद, पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली श्केनश् लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया। दर्शक दीर्घा से कूदने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान सागर शर्मा (26) और मनोरंजन डी. (34) के रूप में हुई है। संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द की निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) के निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है।

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