


(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
जसपुर। ऊधम सिंह नगर में पुलिस ने गौ तस्करी के संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। 160 किलोग्राम गोमांस के साथ सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह जंगलों से गाय पकड़कर रात के अंधेरे में गोकशी करता था और फिर कबाब दुकानों तक सप्लाई करता था।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध गोकशी कर गोमांस की सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर जसपुर पुलिस ने छापेमारी कर एक कबाब दुकान से जुड़े आरोपी दानिश को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि वह गोमांस खरीदने और सप्लाई चैन से जुड़ा हुआ था।
वाहन समेत आरोपी पकड़े
दानिश की निशानदेही पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए टेम्पो, ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल के साथ अन्य आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग भूमिका निभाते थे- कोई जंगल से गाय पकड़ता था, कोई गोकशी करता था और कोई सप्लाई का काम संभालता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी बॉर्डर के जंगल क्षेत्रों से गायों को पकड़ते थे। इसके बाद रात में गोकशी कर मांस को टेम्पो और ई-रिक्शा में भरकर विभिन्न स्थानों, खासकर कबाब दुकानों तक पहुंचाया जाता था। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।
160 किलो गोमांस बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 160 किलोग्राम गोमांस बरामद किया। इसके अलावा एक टेम्पो (UK18TA1995), एक ई-रिक्शा (UP21FT4628), बिना नंबर प्लेट की अपाचे बाइक, गंडासा और छुरी जैसे हथियार तथा छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार सात आरोपियों में मांस खरीदने वाला, कसाई, वाहन मालिक और गाय पकड़ने वाले सप्लायर सभी शामिल हैं। इससे साफ है कि यह एक पूरी तरह संगठित गैंग था, जो लंबे समय से सक्रिय होकर अवैध कारोबार चला रहा था।
इन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने कोतवाली जसपुर में एफआईआर संख्या 164/26 दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325/61 और गौवंश संरक्षण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और सप्लाई का दायरा कितना बड़ा था।
