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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

गदरपुर। विधायक अरविंद पांडेय के बेटे अतुल पांडेय ने गांव सैमलपुरी निवासी जनजाति समाज के व्यक्ति की लगभग तीन एकड़ से अधिक जमीन को कूटरचित साक्ष्यों के आधार पर अपने नाम करा लिया का आरोप लगा था। वाद दायर होने पर मंडलायुक्त की ओर से जनजाति समाज के व्यक्ति के पक्ष में आदेश किया था।

जमीन का मामला मीडिया की सुर्खियों में आने पर विधायक पांडेय अपने बेटे अतुल पांडेय सहित अपने समर्थकों के साथ तहसील पहुंचे थे। घंटेभर तहसील में बैठे रहने के दौरान विधायक ने मंडलायुक्त के आदेश को तहसील के अभिलेखों में दर्ज कराया। इसकी प्रति भी तहसील से प्राप्त की। मामला उच्चाधिकारियों की जानकारी में आने पर मंडलायुक्त के आदेश को हटा दिया गया।

आदेश दर्ज करने और हटाने में रजिस्ट्रार राकेश शाह की भूमिका को संदिग्ध माना गया। जिस पर जिलाधिकारी नितिन भदौरिया की ओर से रजिस्ट्रार कानूनगो राकेश शाह को हटाकर उत्तरकाशी अटैच कर दिया गया। जनजाति समाज की पीड़ित नन्ही देवी, संजू, मंगल सिंह की ओर से जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर प्रतिवादी अतुल कुमार के पिता विधायक और रसूखदार है।

शिकायतकर्ता ने डरा और धमकाकर प्रताड़ित करने और भूमि पर काबिज नहीं होने दिए जाने का भी आरोप लगाया। जिस पर जिलाधिकारी की ओर से एडीएम की अध्यक्षता में एसडीएम, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की संयुक्त जांच समिति गठित की। एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने बताया कि विधायक अरविंद पांडे के बेटे से जुड़े भूमि विवाद प्रकरण में 28 अप्रैल दोपहर दो बजे उनके कार्यालय में शिकायतकर्ता, या प्रकरण से संबंधित व्यक्ति अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है।


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कृष्णा वार्ता, गदरपुर

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