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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

नई दिल्ली (संवाद-सूत्र)। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और धुआं फैला दिया जिसके बाद कार्यवाही अचानक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। घटना के तत्काल बाद दोनों व्यक्तियों को पकड़ लिया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि लोकसभा अपने स्तर पर जांच कर रही है तथा इस बारे में दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो धुआं सदन में फैलाया गया था वह साधारण था और इसको लेकर चिंता कोई बात नहीं है। बिरला ने यह भी कहा कि सदन में कूदने वाले दोनों लोगों को पकड़ कर उनके पास से सारी सामग्री जब्त कर ली गई है, तथा संसद भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे दो लोगों को भी पकड़ा गया है सदन में शून्यकाल के दौरान दोपहर करीब एक बजे दर्शक दीर्घा से दो व्यक्ति सदन में कूदे और इनमें से एक व्यक्ति एक मेज से अगली मेज पर तेजी से कूदते हुए आगे की ओर भाग रहा था।
      सुरक्षाकर्मियों और कुछ सांसदों ने उसे घेर लिया। बाद में दोनों को पकड़ लिया गया। पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर बिरला ने कहा, ‘‘जो घटना शून्यकाल के दौरान हुई थी उस घटना की लोकसभा अपने स्तर पर संपूर्ण जांच कर रही है। इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस को आवश्यक निर्देश दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आरंभिक जांच से पता चला कि वह साधारण धुंआ था। चिंता का विषय नहीं है।’’
       कांग्रेस नेता अधीर रंजन चैधरी और कई सदस्यों ने सुरक्षा में चूक की इस घटना को लेकर चिंता जताई। घटना के समय बैठक का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति अग्रवाल ने संसद भवन परिसर में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमें ऐसा लगा कि जैसे एक व्यक्ति गिर गया। फिर देखा तो एक व्यक्ति कूद रहा था। फिर ध्यान में आया कि दोनों कूदे होंगे। एक व्यक्ति ने जूते से कुछ निकालकर धुआं फैलाया।
इसके बाद इन्हें पकड़ लिया गया।’’ सांसद दानिश अली ने कहा कि एक व्यक्ति का पास निकाला तो पता चला कि उसका नाम सागर है और वह मैसूर के सांसद प्रताप सिन्हा के अतिथि के तौर पर आया था। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा में चूक का गंभीर मामला है। समाजवादी पार्टी के सांसद एस टी हसन ने कहा कि दर्शक दीर्घा से दो लोग लोकसभा कक्ष में कूदे और जूते से कुछ ऐसी चीज निकाली, जिससे गैस फैलनी शुरू हो गई।

उन्होंने कहा, ‘‘यह गैस कैसी थी, यह कोई जहरीली गैस तो नहीं थी, पता नहीं। हमें संसद की सुरक्षा में भारी गंभीर खामी नजर आ रही है। इस तरह से तो कोई जूते में बम भी रखकर आ सकता है।’’ हसन ने कहा कि इस तरह की सुरक्षा चूक पर आगे ध्यान देने की जरूरत है। संसद की सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है।

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