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(रिपोर्टर सागर धमीजा 9837877981)

(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

गदरपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा की धूम पूरे देश में रही। इस वर्ष दशहरे के दिन कई इलाकों में बारिश रही जिससे कुछ रावण को जलाकर तो कुछ जगह गलाकर दहन किया गया। युग कोई भी हो अंहकार रूपी रावण का भस्म होना समय का शाश्वत नियम है, और इसीलिए पूरा देश इस उत्सव में शामिल है। रावण के अलावा मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले भी फूंके गए। रावण दहन से पहले, वर्षों से जारी परंपरा के अनुसार प्रभु श्रीराम और लंकापति रावण की बेशभूषा मे कलाकार अपनी सेनाओ के साथ उक्त मैदान मे पहुंचे। जिनके बीच मैदान मे भयंकर युद्ध का मंचन किया गया। जिसने हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान जैसे ही प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया, पूरा मैदान “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।

बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया

बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया

इसी क्रम में नगर की तीन प्रमुख रामलीलाये अनाज मंडी रामलीला, श्री शिव मंदिर रामलीला एवं श्री शिव पार्वती रामलीला द्वारा विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी अपने अपने स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। हल्की बारिश और मौसम की चुनौतियों के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और रावण दहन कार्यक्रमों में भारी भीड़ जुटी।

बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया

  दहन के पश्चात इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक बताया गया और समाज में सत्य, धर्म, न्याय और सद्भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मैदान और आस-पास पुलिस के जवानो की तैनाती रही।

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