


(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
नई दिल्ली। दिल्ली में एक बार फिर आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि ट्रांसपोर्टरों और ऑटो-टैक्सी चालकों ने 21 से 23 तारीख तक हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इस हड़ताल के कारण तीन दिनों तक राजधानी में परिवहन व्यवस्था प्रभावित रहने की आशंका है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट संगठन के आह्वान पर हो रहे इस आंदोलन में ऑटो चालक, टैक्सी ऑपरेटर और कई व्यावसायिक वाहन संगठन शामिल हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उन पर हरित शुल्क (Green Tax), बढ़ते ईंधन दाम और प्रदूषण नियमों के कारण लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जिसके चलते वे किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वहीं ऑटो चालक CNG की बढ़ती कीमतों के बाद अपने किराए में संशोधन की मांग पर अड़े हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हड़ताल में ओला-उबर जैसी कैब आधारित सेवाओं का एक धड़ा भी समर्थन में उतर सकता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में यात्रा करना और भी मुश्किल हो सकता है। आने वाले दिनों में अगर यह हड़ताल पूरी तरह लागू होती है, तो ऑफिस जाने वाले लोग, यात्रियों और रोजमर्रा के सफर करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
