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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और इसके साथ ही बच्चों में बीमारियों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) में बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है।

गर्मी की मार झेल रहे मासूम बच्चों में डायरिया, निमोनिया और विभिन्न प्रकार के वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं। जिला अस्पताल में ऐसे बच्चों की भीड़ उमड़ रही है, जिनके अभिभावक उन्हें उल्टी, दस्त, तेज बुखार, सर्दी और खांसी जैसे लक्षणों के साथ लेकर आ रहे हैं। इन बीमारियों के कारण बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। पीएमएस डॉ. आरके सिन्हा ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को विशेष ख्याल रखें। उन्हें लू से बचाएं और दिनभर पानी पिलाते रहें।

प्रमुख लक्षण और बीमारियां

उल्टी-दस्त: यह मौसमी बीमारियों का सबसे आम लक्षण है, जो अक्सर दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैलता है।

तेज बुखार: बच्चों में अचानक तेज बुखार आना भी चिंता का विषय है।

सर्दी और खांसी: हालांकि यह सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण लग सकते हैं, लेकिन गर्मी में ये गंभीर श्वसन संक्रमण का रूप ले सकते हैं।

वायरल संक्रमण: विभिन्न प्रकार के वायरल संक्रमण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।


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कृष्णा वार्ता, गदरपुर

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