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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

देहरादून (संवाद सूत्र)। उत्तराखंड में धामी कैबिनेट में फेरबदल तय माना जा रहा है। होली के आसपास इसकी ज्यादा संभावनाएं जताई जा रही हैं। कैबिनेट फेरबदल के चलते कुछ मंत्रियों से विभाग वापस लेकर उन्हें हल्का भी किया जा सकता है।

अग्रवाल प्रकरण के बाद कैबिनेट विस्तार की इन चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी दिल्ली के दो दिवसीय दौरे से देहरादून लौट चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट विस्तार पर हाईकमान से धामी को लगभग हरी झंडी मिल चुकी है।

कैबिनेट में पहले से चार पद खाली हैं, ऐसे में विस्तार होना ही था, लेकिन विधानसभा के बजट सत्र में संसदीय कार्यमंत्री के विवादित बयान से प्रदेश में जो तूफान खड़ा हुआ, उससे कैबिनट में फेरबदल की संभावनाओं को बल मिला है और पार्टी हाईकमान इस बवाल का पटाक्षेप करने की रणनीति बना चुकी है। सूत्रों के अनुसार, प्रेमचंद के साथ एक-दो और मंत्रियों की छुट्टी हो सकती हैं। उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि विस्तार तो जल्द होगा, लेकिन मंत्रिमंडल में किसे जगह मिल पाती है यह अधिकार सिर्फ मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का है।

दो जिले बड़े दावेदार

नई कैबिनेट में हरिद्वार और नैनीताल जिले का प्रतिनिधित्व तय माना जा रहा है। हरिद्वार में मदन कौशिक, आदेश चौहान और प्रदीप बत्रा में से किसी एक का कद बढ़ सकता है।

कौशिक पहले भी मंत्री रह चुके हैं, जबकि आदेश चौहान और प्रदीप बत्रा तीन-तीन बार के विधायक हैं। वहीं, नैनीताल जिले में भाजपा के छह में से पांच विधायक हैं। कालाढुंगी विधायक बंशीधर भगत और भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा के नाम की चर्चाएं हैं। 

बदल सकती हैं स्पीकर

स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भी प्रेमचंद प्रकरण में काफी ट्रोल हुईं। स्पीकर के बजाय यदि हाईकमान उन्हें मंत्रिमंडल में एडजस्ट करता है तो किसी वरिष्ठ विधायक को स्पीकर की जिम्मेदारी मिल सकती है। इनमें बंशीधर भगत और विशन सिंह चुफाल दावेदार बताए जा रहे हैं। विधायक मुन्ना चौहान, सहदेव पुंडीर, विनोद कंडारी भी दावेदारों में हैं।

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