(krishna varta gadarpur uttarakhand)
रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सैनिक परिषद की त्रैमासिक बैठक हुई। बैठक में पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों और वीरांगनाओं की समस्याओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
समस्याओं का निस्तारण
जिलाधिकारी ने पूर्व सैनिकों से जुड़े संगठनात्मक व व्यक्तिगत भूमि विवादों के मामलों को 10 दिन में निस्तारित करने के निर्देश एडीएम और संबंधित एसडीएम को दिए। प्रक्रिया में तेजी के लिए संबंधित पक्षों के साथ वर्चुअल बैठक कराने को भी कहा। एक वीरांगना से जुड़े भूमि धोखाधड़ी के मामले में पुलिस विभाग को तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सैनिक मिलन केंद्र की मांग
सैनिक मिलन केंद्र की मांग पर जसपुर, बाजपुर और काशीपुर में अनुपयोगी सरकारी भवनों का चिन्हीकरण कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया। गदरपुर में सैनिक ग्राम की मांग पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को गांव का निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं और अवस्थापना की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सीपी कोठारी ने बताया कि जिले में करीब 13 हजार पूर्व सैनिक और 18 हजार आश्रित हैं। काशीपुर में आश्रितों व वीर नारियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 24 अगस्त से 18 अक्तूबर तक भर्ती पूर्व प्रशिक्षण निशुल्क चल रहा है।
बैठक में उठाए गए मुद्दे
बैठक में खटीमा में सैनिक कल्याण कार्यालय और रुद्रपुर में सीएसडी कैंटीन खोलने की मांग भी उठी। बैठक में दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, एडीएम पंकज उपाध्याय, सीओ डीआर वर्मा, ईई राजीव चक्रवर्ती, एलडीएम कमल कुमार, सूबेदार धनसिंह सामंत, देवेंद्र सिंह, कैप्टन बचन सिंह, सूबेदार मेजर केएस कार्की, त्रिलोक सिंह नेगी समेत अधिकारी और पूर्व सैनिक रहे





