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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

रुद्रपुर (संवाद सूत्र)। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने बौर एवं हरिपुरा जलाशय गुलरभोज का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बौर जलाशय के पास संचालित गेस्ट हाउस का निरीक्षण कर साफ-सफाई की व्यवस्था बनाने को कहा। डीएम ने ईई सिंचाई और जिला पर्यटन अधिकारी को जलाशयों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं जलाशय के सिल्ट क्षेत्र में अवैध खेती करने वाले किसानों को नोटिस जारी करने को कहा।

गुरुवार को निरीक्षण के दौरान ईई सिंचाई विभाग ने डीएम को बताया कि हरिपुरा जलाशय में जमी 50 प्रतिशत से अधिक सिल्ट की डी-सिल्टिंग करानी होगी। जमरानी बांध बनने के बाद उसका पानी भी हरिपुरा जलाशय में आएगा, जिससे जलाशय की सफाई और अधिक आवश्यक हो जाएगी। 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के तहत बौर जलाशय तक 8 किमी सड़क निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। यह प्रस्ताव पंतनगर विवि से सड़क डिजाइन तकनीकी जांच (वैट) के लिए भेजा गया है। तहसीलदार ने बताया कि जलाशय के सिल्ट क्षेत्र में अवैध रूप से खेती की जा रही है। इस पर डीएम किसानों को नोटिस जारी करने और अगले वर्ष से जलाशय क्षेत्र में खेती पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि जलाशय के किनारे ठेली और रेहड़ी लगाने से कूड़ा-गंदगी की समस्या उत्पन्न हो रही है। डीएम ने तहसीलदार को जलाशय क्षेत्र में दुकानदारों व ठेली-रेहड़ी लगाने वालों के साथ बैठक कर समाधान निकालने के निर्देश दिए।

   इस दौरान डीएफओ यूसी तिवारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई केएस डांगी, तहसीलदार लीना चंद्रा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट, सहायक अभियंता विशाल प्रसाद आदि रहे।

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