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“मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर गेट पर शव रखकर श्रमिकों का धरना”

“टाटा वेंडर बजाज मोटर्स में कर्मचारी की मौत पर भड़का आक्रोश”

(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

(9917322413)

रुद्रपुर खबर। सिडकुल स्थित टाटा की वेंडर कंपनी बजाज मोटर्स के कर्मचारी सुरेश प्रसाद की ट्रेन दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु के बाद कंपनी प्रबंधन के कथित अमानवीय व्यवहार के खिलाफ श्रमिकों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित श्रमिकों ने मृतक के शव को कंपनी गेट पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए।
जानकारी के अनुसार, बाजी लाल के पुत्र सुरेश प्रसाद की रेलवे पटरी के समीप ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। घटना के बाद श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने इस दुखद घड़ी में संवेदनशीलता नहीं दिखाई, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने मृतक के पुत्र इंद्रजीत को कंपनी में स्थायी नौकरी देने और परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग उठाई।
इस दौरान पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल मौके पर पहुंचे और श्रमिकों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने प्रबंधन के रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारी के निधन पर इस तरह का असंवेदनशील व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मृतक के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा ने भी परिजनों को न्याय दिलाने की मांग का समर्थन किया।
प्रदर्शन में सिडकुल श्रमिक मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी, बजाज मोटर्स कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जगमोहन डसीला, महामंत्री हीरा लाल राठौर और कोषाध्यक्ष हेम दुर्गापाल सहित कई श्रमिक नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि श्रमिकों का शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने में हैप्पी रंधावा, हीरा सिंह राठौड़, संतोष गुप्ता, उमाशंकर यादव, ललित मटियाली, शिवशंकर प्रसाद, रामजीत प्रसाद, प्रमोद कुमार, विजय लाल, कैलाश कुमार, वीरेन्द्र प्रसाद, अनिल तिवारी, गुड्डू कुमार, तारा सिंह रावत, अविनाश कुमार, जनक किशोर, गोपी गुप्ता, राम प्रवेश प्रजापति, सुदर्शन प्रसाद, नन्हें यादव, अनूप सिंह रावत सहित दर्जनों श्रमिक मौजूद रहे।

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