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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

रुद्रपुर (संवाद सूत्र)। आगामी मानसून में आपदा प्रभावित पीड़ितों को वितरित किए गए भोजन एवं राशन किट के बिलों को स्वीकृत करने की एवज में रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। खटीमा के वितरण फर्म द्वारा जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पर पैसा मांगने का आरोप लगाया। साथ ही एसडीएम खटीमा को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। जिसके बाद एसडीएम ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार मैसर्स आरिफ एंटरप्राइजेज खटीमा के संचालक आरिफ अंसारी ने खटीमा एसडीएम को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि आगामी मानसून 2024 में आई आपदा को ध्यान में रखते हुए बाढ़ प्रभावितों एवं परिवारों के लिए खाद सामग्री में राशन किट व पका हुआ भोजन वितरित किया था। भोजन एवं राशन किट के बिलों को बनाकर नियमानुसार 31 जुलाई 2024 को जिला पूर्ति कार्यालय में प्रेषित किया था। आरोप लगाया कि पूर्ति कार्यालय मुख्यालय में तैनात क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी द्वारा बिलों के भुगतान किए जाने की एवज में धनराशि यानी रिश्वत की मांग की, जबकि बिलों का भुगतान रिपोर्ट नियमानुसार व निविदा के आधार पर बनाई गई थी।

    फर्म संचालक ने खटीमा एसडीएम को शिकायती पत्र देकर बिलों का भुगतान करने और धनराशि की मांग के आरोपी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शिकायती पत्र के बाद एसडीएम ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अब देखना यह है कि क्या रिश्वत मांगने के आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी या फिर डीटीएम के नाम पर हुए 43777 कुंतल राशन घोटाले की तरह यह प्रकरण भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

  बिल भुगतान की एवज में रिश्वत मांगने का प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायती पत्र एसडीएम खटीमा को प्रेषित की गई होगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति शासन से की जाएगी। फिलहाल वह डी्एसओ व एसडीएम से प्रकरण संबंधी जानकारी लेंगे। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी :- उदयराज सिंह, जिलाधिकारी, ऊधमसिंह नगर 

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