(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
(9917322413)

गदरपुर खबर। वार्ड नंबर छह स्थित कुंज विहार कॉलोनी निवासी 85 वर्षीय कृष्णावंती छाबड़ा के निधन के बाद उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा पूरी करते हुए नेत्रदान कराया। उनके नेत्रदान से दो जरूरतमंद दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद है। इस पुनीत कार्य से कृष्णावंती छाबड़ा की स्मृतियां दूसरों की आंखों के माध्यम से जीवित रहेंगी।
कृष्णावंती छाबड़ा पत्नी स्वर्गीय रोशन लाल छाबड़ा का बीती रात आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद उनके पुत्र सतनाम छाबड़ा, विपिन छाबड़ा व राकेश छाबड़ा तथा दामाद राजकुमार खुराना ने उनकी इच्छा के अनुरूप नेत्रदान कराने का निर्णय लिया। परिजनों ने भारत विकास परिषद रुद्रपुर शाखा के नेत्रदान सहसंयोजक संजय ठुकराल से संपर्क किया। सूचना मिलने पर नेत्रदान टीम ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कराई।
महाराजा अग्रसेन ग्लोबल चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन एसके मित्तल तथा सीआर मित्तल नेत्रदान केंद्र के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एलएम उप्रेती के निर्देशन में आई टेक्नीशियन मनीष रावत ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न कराई।
परिजनों के इस मानवीय निर्णय की सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद के जीवन में नई रोशनी ला सकता है। नेत्रदान के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते गदरपुर में लगातार इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।
कृष्णावंती छाबड़ा के निधन पर भारत विकास परिषद रुद्रपुर शाखा, सोचो डिफ्रेंट संस्था, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, जय भवानी जागरण मंडल, पंजाबी सभा, जियो जिंदगी, नगर पालिका परिषद, पुरातन शिव मंदिर, पुरातन सनातन धर्म मंदिर तथा सनातन धर्म मंदिर बुध बाजार सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान विधायक अरविंद पांडे राजकुमार खुराना, वीरेंद्र ठुकराल, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज गुम्बर मिंटू, ध्रुव छाबड़ा, अनिल छाबड़ा, अरुण छाबड़ा, रवि कालरा अंशु छाबड़ा, कस्तूरी छाबड़ा, हार्दिक बाटला, उदय बटला, तन्मय दर्गन, रोहित छाबड़ा, रोहित खुराना, भविष्य, पार्थ छाबड़ा, आंचल ठुकराल, शिखर छाबड़ा, राकेश बटला, पवन दर्गन सहित परिवार एवं नगर के अनेक लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।






