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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

रुद्रपुर (संवाद सूत्र)। प्रदेश की धामी सरकार के खिलाफ कांग्रेसियों की दहाड़ रैली के बाद डीएम कार्यालय कूच के दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं में जमकर नोकझोंक हुई। कांग्रेस नेताओं ने बैरिकेडिंग को तोड़ डाला और इस पर चढ़कर सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली।

   उन्होंने सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। उन्होंने ऐलान किया कि यदि महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार बंद नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा।

    सोमवार को डीएम कार्यालय मार्ग पर सुबह से ही एक बड़ा पंडाल लगा हुआ था। इसमें धामी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ डीएम कार्यालय कूच व धरना प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। सुबह 11 बजे से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, विधायक तिलकराज बेहड़, विधायक आदेश चौहान, विधायक भुवन कापड़ी, विधायक गोपाल सिंह राणा, विधायक सुमित हृदयेश सहित पूर्व विधायक एवं सांसद धरना प्रदर्शन में मौजूद रहे। दिग्गज नेताओं ने संबोधन के दौरान धामी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली और दो घंटे के बाद डीएम कार्यालय कूच किया।

   जहां पहले से ही मौजूद भारी पुलिस बल ने डीएम कार्यालय के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर दिग्गज नेताओं व कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद कांग्रेसियों का पारा चढ़ गया और प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, यशपाल आर्य भी बैरिकेडिंग पर चढ़ने लगे।

   जिसे देख पुलिस और नेताओं के बीच धक्की-मुक्की और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को तोड़ना शुरू कर दिया। मौका देख कर ज्योति रौतेला ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर छलांग भी लगाने की कोशिश की, लेकिन महिला पुलिसकर्मी ने हाथ पकड़ लिया। आखिरकार पुलिस ने हार मानते हुए मुख्य गेट पर ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को प्रेषित करवाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।

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