



(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
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गदरपुर खबर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव शिल्पी अरोड़ा ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2023 में पूर्ण बहुमत से पारित बिल को 16 अप्रैल 2026 को नोटिफाई करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है और इसे महिलाओं के साथ छलावा बताया।
अरोड़ा ने आरोप लगाया कि जनगणना और परिसीमन का हवाला देकर सरकार इस कानून को जानबूझकर लागू नहीं कर रही है, जबकि मौजूदा 543 सदस्यीय लोकसभा संरचना में भी महिला आरक्षण लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “सदन में महिला आरक्षण नहीं, बल्कि ‘मोदी संरक्षण बिल’ गिरा है।”
कांग्रेस की ओर से उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी महिलाओं को उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में है, जिसके लिए जातिगत जनगणना जरूरी है। उन्होंने परिसीमन को भाजपा का “छुपा हुआ एजेंडा” बताते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए निर्वाचन क्षेत्रों में बदलाव कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश हो रही है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी अरोड़ा ने सरकार को घेरते हुए कई चर्चित मामलों का जिक्र किया और आरोप लगाया कि कई मामलों में दोषियों को संरक्षण मिला है। अंत में उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को राजनीति का हथियार बनाना बंद करे और महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करे, ताकि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
