


(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को देशवासियों से 1 साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। जिसका असर लखनऊ के सर्राफ मार्केट पर साफ नजर आ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि कोई भी ग्राहक नहीं आ रहा है। दिनभर खाली बैठे रहते हैं। इससे परेशानी बढ़ने लगी है। कारोबारी इस बात पर सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आगे व्यापार कैसे किया जाएगा? लेकिन इसका जवाब नहीं मिल पा रहा है।
सर्राफ व्यापारी का कहना है कि सर्राफ व्यापारी हमेशा राष्ट्रहित के साथ रहा है, मगर हमारी समस्या यह है कि हमारा रोजगार इसी पर टिका है। हमारे यहां काम करने वाले कारीगर और कर्मचारियों की रोजी-रोटी इसी पर टिकी है। हमारे यहां लोकल के साथ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार के कारीगर बड़ी संख्या में है। सभी अपनी जीविका चलाने के लिए आए हैं। अगर एक बार सप्लाई चैन ब्रेक हो जाएगी तो उसका असर सबकी जीविका पर पड़ेगा।
व्यापारी ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि हमारे कर्मचारी हाउस लोन और गाड़ियों का लोन ले रखा है उसकी किस्त कैसे जमा करेंगे? व्यापारियों ने यह फैसला किया है कि हम 999 बुलियन नहीं बेचेंगे। जिनके घरों में शादी विवाह है, उनके लिए जेवर बेचेंगे। हमारी कोशिश है कि प्रधानमंत्री की बात भी रह जाए और काम भी चलता रहे।
