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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव के पास मंगलवार दोपहर को पहाड़ी पर बादल फटने से खीरगंगा नदी में अचानक सैलाब आ गया। मलबे और पानी का बहाव इतना तेज था कि इसकी चपेट में आने से धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया। इस आपदा में धराली का प्रसिद्ध कल्प केदार मंदिर भी पूरी तरह से मलबे में बह गया है। प्रशासन ने अभी तक चार लोगों के मरने की पुष्टि की है, जबकि 25 से 35 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

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बादल फटने से सेकेंडों में सब कुछ तबाह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वह सुरक्षित जगह पर जा पाते सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहां मौजूद कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचे जमींदोज हो गए। वहां चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और पुलिस की टीमें मौके पर भेजी गईं। बचाव दल ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और होटल में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

व्यावसायिक इमारतों को हुआ ज्यादा नुकसान

लोगों का कहना है कि अगर नदी का बहाव सीधे आगे बढ़ता तो गांव की बस्ती को भी भारी नुकसान हो सकता था लेकिन पानी बाजार की ओर मुड़ जाने से सबसे ज्यादा नुकसान व्यावसायिक इमारतों को हुआ है। बताया कि एक बार पानी के साथ मलबा आया और उसके बाद कुछ देर के लिए रूक गया। वहीं उसके बाद दोबारा मलबा आया।

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