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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

गदरपुर (संवाद सूत्र)। नदी में बही बालिका का शव तीन दिन बाद एनडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया। शुक्रवार को आठ वर्षीय बालिका दो बच्चों के साथ नदी किनारे पेड़ से बेर तोड़ने गई थी। शव को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।

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     ग्राम डोंगपुरी निवासी तौफीक अहमद की आठ वर्षीय बेटी महक शुक्रवार को पास में ही रहने वाले दो बच्चों के साथ नाहल नदी किनारे पेड़ से बेर तोड़ने गई थी। शाम करीब पांच बजे बेर तोड़ते समय अचानक वह नदी में गिर गई। दोनों बच्चों ने महक को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इससे दोनों बच्चे डर गए। उन्होंने इस बारे में किसी को नहीं बताया। जब महक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने रात करीब आठ बजे दोनों बच्चों से पूछताछ की। बच्चों ने परिजनों को घटना के बारे में बताया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और महक की खोजबीन में जुट गए। पुलिस प्रशासन, एनडीआरफ, एसडीआरएफ एवं गांव के लोगों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला। सोमवार सुबह एनडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन कर रही थी तो गांव के किसी व्यक्ति ने सुबह करीब 8 बजे नदी में बालिका के पैर को देखा। उसकी सूचना पर एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश दराल के नेतृत्व में टीम ने शव को बाहर निकाला। शव को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।

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