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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

(9917322413)

कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा के नेतृत्व में गदरपुर में सहकारिता एवं किसान महासम्मेलन हजारों किसानों की उमड़ी भीड़, करीब 50 फीसदी रही महिला किसानों की भागीदारी पूर्व सैनिक परिवारों व प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित

कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा के नेतृत्व में गदरपुर में सहकारिता एवं किसान महासम्मेलन हजारों किसानों की उमड़ी भीड़, करीब 50 फीसदी रही महिला किसानों की भागीदारी पूर्व सैनिक परिवारों व प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित
गदरपुर खबर। कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सहकारिता से जोड़ने के उद्देश्य से /////कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) की निदेशक शिल्पी अरोड़ा एवं कृभको टीम की ओर से रविवार को शहनाई वाटिका में सहकारिता एवं किसान महासम्मेलन-2026 का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में ऊधम सिंह नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों किसान, महिला किसान, सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए।

कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा के नेतृत्व में गदरपुर में सहकारिता एवं किसान महासम्मेलन हजारों किसानों की उमड़ी भीड़, करीब 50 फीसदी रही महिला किसानों की भागीदारी पूर्व सैनिक परिवारों व प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित

कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा के नेतृत्व में गदरपुर में सहकारिता एवं किसान महासम्मेलन हजारों किसानों की उमड़ी भीड़, करीब 50 फीसदी रही महिला किसानों की भागीदारी पूर्व सैनिक परिवारों व प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित
सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता महिला किसानों की करीब 50 प्रतिशत भागीदारी रही। वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के दृष्टिगत महिला किसानों की बड़ी भागीदारी कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के वन एवं वन्यजीव कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सके। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से सम्मेलन की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि ऐसे मंचों से किसानों को नई तकनीक, बाजार और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि कृभको के प्रयासों से क्षेत्र के किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और सहकारिता आंदोलन मजबूत होगा।
सम्मेलन में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़, पूर्व खेल मंत्री एवं गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, जसपुर विधायक आदेश सिंह चौहान, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष सुभाष बेहड़, समीर पाठक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा ने सभी अतिथियों और किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अब केवल खेतों तक सीमित नहीं है। महिलाएं उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और उद्यमिता में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला किसानों को बाजार, तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय अवसरों से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान और सहकारी समितियां मिलकर मजबूत आर्थिक मॉडल तैयार कर सकती हैं। किसान उत्पादन करे और सहकारी संस्थाएं उसे बाजार, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन से जोड़ें तो किसानों की आय और आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण, जैविक खेती और प्रमाणित बीजों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कृभको द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने उत्तराखंड के किसानों के लिए कृभको उर्वरक की उपलब्धता बढ़ाने और राज्य का कोटा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसान बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकता है। जसपुर विधायक आदेश सिंह चौहान ने किसानों और सहकारिता के बीच बेहतर समन्वय को समय की आवश्यकता बताया।
कृभको के क्षेत्रीय प्रबंधक तेजेंद्र सिंह ने किसानों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी।
सम्मेलन में देश सेवा और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हवलदार हीरा सिंह, द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिक स्व. इकवाल सिंह की पत्नी मान कौर और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सब मेजर खड़क सिंह कार्की को सम्मानित किया गया। जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले प्रगतिशील किसान सुरजीत डाबर और महिला एफपीओ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीमा ठुकराल को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में कृभको के क्षेत्रीय अधिकारी जाबर सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि वह आगे भी किसानों के साथ जुड़कर नए अवसर तलाशने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि किसान मजबूत होगा तो सहकारिता मजबूत होगी और सहकारिता मजबूत होगी तो गांव एवं देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

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