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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

नई दिल्ली (संवाद-सूत्र)। चुनाव आयोग में खाली चुनाव आयुक्तों के पदों पर नियुक्ति हो चुकी है। इन पदों के लिए सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार को चुना गया है। इस बाबत पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समिति की बैठक की गई थी, जिसके बाद इन दोनों नामों पर मुहर लग गई है। समिति के सदस्य अधीर रंजन चैधरी ने इस बाबत कहा कि आज दो इलेक्शन कमिश्नर के चयन की मीटिंग हुई। चुनाव के लिए पद रिक्त नहीं होना चाहिए, हम यह मानते हैं। बता दें कि इस समिति में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, अर्जुनराम मेद्यवाल और अधीर रंजन चैधरी शामिल थे। अधीर रंजन ने कहा कि इस बैठक में 6 नामों पर चर्चा की गई। वहीं उन्होेनें चयन की इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।कांग्रेस नेता अधीर रंजन के मुताबिक इस बैठक में उत्पल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, ज्ञानेश कुमार, इंदीवीर पांडेय, सुखबीर सिंह, गंगाधर राहत के नामों पर चर्चा की गई। उन्होनें आरोप लगाते हुए कहा कि मैंने पहले ही एक शॉर्टलिस्ट मांगा था। मतलब छोटी सूची हमें सौंपी जाए। मुझे जो सूची दी गई थी, उसमें 212 नाम थे। हमारी कमेटी में पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह, कानून मंत्री अर्जुनराम मेद्यवाल हैं। यानी सरकार की बहुमत है। यानी सरकार के मुताबिक ही चुनाव आयुक्त का चयन होगा। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चैधरी ने कहा कि ‘सरकार जिसे चाहेगी, वो ही चुनाव आयुक्त बनेंगे।’ अधीर रंजन चैधरी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ‘समिति में सरकार के पास बहुमत है और इस वजह से सरकार अपने पसंद के नाम तय कर सकती है। भारत जैसे लोकतंत्र में इतने बड़े पद पर नियुक्ति इस तरीके से नहीं होनी चाहिए। मुझे बैठक से 10 मिनट पहले छह नाम दिए गए, ऐसे में, मैं इतने कम समय में क्या बताऊंगा? उन्होनें कहा कि चुनाव आयुक्तों के चयन की इस प्रक्रिया को मैं मान्यता नहीं देता हूं।बता दें कि ज्ञानेश कुमार केरल के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पहले ही सहकारिता मंत्रालय के पद से रिटायर हुए हैं। सहकारिता मंत्रालय गृह मंत्री के अंतर्गत आता है। इससे पहले ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में कश्मीर डिवीजन के जॉइंट सेक्रेटरी थे, उनके समय में ही धारा 370 हटाई गई थी। ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल काडर हैं। पंजाब के रहने वाले पूर्व प्।ै अधिकारी सुखबीर सिंह संधू को जुलाई 2021 में ओम प्रकाश की जगह उत्तराखंड का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। 1988 बैच के आईएसएस अधिकारी संधू भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष के रुप में केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर थे। केंद्र सरकार ने फिलहाल इनको एक साल के लिए लोकायुक्त सचिव नियुक्त किया था। पिछले साल 30 सिंतबर 2023 को उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

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