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गुरुपर्व पर संगत को गुरबाणी के अनुसार चलने,पर्यावरण संरक्षण एवं नशा मुक्त होने का करवाया संकल्प

कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड

संपादक सुरेंद्र चावला उर्फ राजू 9917322413
गुरुपर्व पर संगत को गुरबाणी अनुसार चलने,पर्यावरण संरक्षण एवं नशा मुक्त होने का करवाया संकल्प

गुरु हर राय जी का ज्योति जोत समाए,गुरु हरकिशन जी का गुरु गद्दी दिवस,गुरु ग्रंथ साहिब का गुरु गद्दी, गुरु गोविंद सिंह ज्योति जोत, बाबा बुड्ढा जी का जन्मदिन एवं बाबा बंदा सिंह बहादुर जयंती पर किया विशेष कार्यक्रम

गदरपुर । गुरु पर्वों पर विभिन्न कार्यक्रम करते हुए उत्तराखंड सिख मिशन काशीपुर के प्रचारक  भाई हरजिंदर सिंह एवं सिख मिशनरी कॉलेज लुधियाना की गदरपुर इकाई के संयोजक एवं कार्यक्रम प्रभारी देवेंद्र सिंघ के तत्वाधान में ग्राम सरोवर नगर के नवनिर्मित गुरुद्वारा भवन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया । भाई हरजिंदर सिंह  ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु हर राय जी ने अपने जीवन काल में पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष योगदान देते हुए आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के पौधों से दवाइयां का निर्माण करवा कर संगत को निशुल्क बांटे जाने का कार्य किया । वहीं गुरु हरकिशन साहिब जी का गुरगुद्दी दिवस, जिनकी याद में गुरुद्वारा बंगला साहिब दिल्ली में शोभायमान है, अपने जीवन काल में उन्होंने दिल्ली में फैले चेचक रोग के पीड़ितों की स्वयं सहायता एवं इलाज किया । भाई हरजिंदर सिंह ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर द्वारा मुगल काल के दौरान सिख राज की स्थापना की गई और कई वर्षों से चल रही जिम्मेदारी प्रथा का समापन करते हुए गरीब मजलूमों को उनके हक दिलवाते हुए हर एक की सहायता करने वाला राज कायम किया ।
वही सिख मिशनरी कॉलेज लुधियाना की गदरपुर इकाई के संयोजक देवेंद्र सिंघ ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुरु गद्दी दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप का संपादन करते हुए 6 गुरु साहिबान ,15 भट्ट साहिबान, तीन गुरसिखो एवं भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले 15 भक्तों की वाणी का संग्रह किया। गुरु गोविंद सिंह ने 1708 ई में नांदेड़ श्री हजूर साहब महाराष्ट्र में गुरुगद्दी सौंप कर स्वयं अपने शरीर का परित्याग किया उन्होंने उपदेश किया कि आत्मा ग्रंथ में और शरीर पंथ में जिसका भाव गुरु ग्रंथ साहिब जी की वाणी पढ़ने एवं विचार करने से गुरु से वार्तालाप एवं साबित सूरत रहित मर्यादा अनुसार जीवन जीने से गुरु के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की संपादन एवं स्थापना श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर में करने के दौरान बाबा बुड्ढा जी को पहले ग्रंथी के रूप में सेवा सोपी थी। वही गुरु गोविंद सिंह जी के ज्योति जोत समाए दिवस पर भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए । वहीं उन्होंने सारी संगत से नशा मुक्त रहने एवं पर्यावरण संरक्षण की भी अपील की उन्होंने धार्मिक पंजाबी अक्षर ज्ञान की पुस्तकों का वितरण करते हुए धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालने का भी आह्वान  किया इस दौरान जरूरतमंद बच्चों को समाज सेवा कार्यों में अग्रणी रहने पर पुरस्कृत भी किया गया । कार्यक्रम का समापन ग्रंथी भाई सोना सिंह द्वारा अरदास के उपरांत किया गया । कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी मंगत सिंह और जसविंदर सिंह द्वारा किया गया। इस मौके पर सिमरन कौर कंबोज,खुशी कंबोज,जय सिंह ,राजेंद्र सिंह,अमरीक सिंह, सहित तमाम संगत मौजूद रही।
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