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(रिपोर्टर सागर धमीजा 9837877981)

(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

हल्द्वानी। एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू सदस्य खुशी नागर के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से निर्दोष पुरुषों को संरक्षण देने के लिए अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के अवसर पर संस्था पदाधिकारियों ने भारत सरकार से पुरुष आयोग एवं पुरुष कल्याण मंत्रालय को यथाशीघ्र बनाने के लिए हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को ज्ञापन भेजा।

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था नें पुरुष आयोग एवं पुरुष कल्याण मंत्रालय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को ज्ञापन भेजा

इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू मार्गदर्शक मीना जोशी ने संयुक्त रूप से कहा कि महिलाओं के सुरक्षा के लिए दिए गए विशेष अधिकारों के कानूनों की आड़ में कुछ लोग निर्दोष पुरुषों को भी छेड़छाड़ मारपीट यौन शोषण दहेज प्रथा बलात्कार के झूठे केसों में फसाकर उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे है जो बहुत ही चिंता का विषय है क्योंकि कई बार पुरुष अपने निर्दोष होने के साक्ष्य भी देते है तो उन्हें नहीं माना जाता है जबकि महिला के कहने भर से पुरुषों को अपराधी मान लिया जाता है और फिर पुरुषों को फसाए गए झूठे केसों से समझौते के आधार पर लाखों करोड़ों रुपए की मोटी रकम मांगी जाती है और मजबूर पुरुष अपने मान सम्मान को बचाने के लिए इधर उधर से कर्जा लेकर ऐसी मांगों को पूरी करते है इस तरह से कुछ लोगों ने महिलाओं को दिए गए विशेष अधिकारों के कानूनों का दुरुपयोग कर पुरुषों से मोटी रकम कमाने का अपना व्यापार बना लिया है और जो पुरुष मांगे गए रुपए नहीं दे पाते तो उन्हें किसी झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है जिससे पुरुष पर चौतरफा मार पड़ती है एक तो पुरुष का पूरा भविष्य अंधकार में चला जाता है दूसरा समाज में उसके प्रति घृणा पैदा हो जाती है तीसरा परिवार व परिवार की जिम्मेदारी से दूर हो जाता है चौथा बचे हुए जीवन को यापन करने के लिए आर्थिक तंगी के चलते जीवन में बहुत सारी मुश्किलें उत्पन्न हो जाती है जिस कारण से पुरुष मानसिक तनाव में चला जाता है और फिर तनाव के चलते उत्तेजना में आकर आत्महत्या कर अपने जीवन की यात्रा को समाप्त कर देता है जिसके लिए सीधे सीधे जिम्मेदार हमारे देश की न्याय प्रणाली है क्योंकि यदि पुरुषों के संरक्षण के लिए पुरुष आयोग एवं पुरुष कल्याण मंत्रालय होता तो आत्महत्या करने वाला पुरुष अपनी सच्ची बात यहां पर रखकर अपनी कानूनी लड़ाई सामाजिक तौर से लड़ता लेकिन ऐसा नहीं है इसलिए पुरुषों के आत्महत्या करने की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है इसीलिए अब भारत सरकार पुरुषों के संरक्षण के लिए तुरन्त पुरुष आयोग एवं पुरुष कल्याण मंत्रालय बनाए ताकि झूठे केसों में फंसे निर्दोष पुरुषों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति पूर्ण रूप से की जाए और निर्दोष पुरुषों के कल्याण के लिए अलग से बजट का प्रावधान कर सरकारी योजनाएं भी बनाई जाए जिससे निर्दोष पुरुषों को आत्महत्या करने से बचाया जा सके और महिलाओं को दिए गए विशेष अधिकारों के कानूनों का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने वाले कानून बनाया जाए जिससे महिलाओं और पुरुषों के बीच फैल रहे मतभेद को जड़ से खत्म किया जा सके

इस दौरान ज्ञापन देने में एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू, कोषाध्यक्ष बलराम हालदार, मार्गदर्शक मीना जोशी, सुनीता तिवारी, शांति रावत, अलका टंडन, मनीष साहू, धरम पाल, आयुष नागर, पूजा जोशी, नमन तिवारी, धर्मेंद्र साहू, खुशी नागर, मुकेश साहू, मोनिका आर्या, एकता पाण्डेय, ममता खत्री, सुशील साहू, अरविन्द कुमार, राजेश साहू, महेश साहू, रोहतास प्रजापति, जानकी कश्यप, सूरज मिस्त्री, अमित कुमार, सुशील राय, रवि गुप्ता, दीपक कुमारz सूरज कुम्हार, मुकेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।

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