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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

गदरपुर। इलाबास वाली माता के मंदिर ग्राम इलाबास देवल जिला पीलीभीत मैं स्थित है शक्तिपीठ इलाबास प्राचीन मंदिर में श्रद्धेय राजा जगतदेव के नाम से एक प्रवेश द्वार और एक 151 किलो का घंटा पूरे बुक्सा समाज के सहयोग से लगा रहे है और सहयोग करने वाले बुक्सा समाज के प्रत्येक गांव का नाम वहां पत्थर पर लिखा जायेगा जो सदियों तक याद रहेगा इस नेक काम को पूरा बुक्सा समाज मिलकर कर रहा है और इलाबास वाली माता के मेले में प्रति वर्ष बुक्सा समाज के प्रत्येक गांव से विशाल संख्या में लोग वहां जाते हैं और ये परम्परा सदियों से चली आ रही है वहां पर बोला गया अपना प्रसाद चढ़ाते हैं जैसे चैती मेला और अटरिया के मेले जाते हैं बुक्सा समाज की कुल देवी मां बालसुंदरी चैती माता के साथ साथ अटरिया वाली माता और पूरब(इलाबास)वाली माता इन तीनों देवियों के प्रति बुक्सा समाज की बहुत आस्था है सभी बुक्सा समाज के गांवों से निवेदन है अपने गांव से चंदा उगाह कर सोमल सिंह मझरा नरसिंह व उनकी टीम के पास पहुंचा दे ताकि आपके गांव की सहयोग राशि व गांव का नाम वहां पत्थर पर अंकित हो सके।

बुक्सा जनजाति समाज पहली बार रचने जा रहा है इतिहास

   इस कार्य की पहल करने वाला इलाबास मंदिर के महन्त कृष्णा नंद गिरी, बाबू सिंह तोमर, गोविन्द सिंह, सोमल सिंह, मदन सिंह, अमर सिंह, सूरज सिंह, विजय सिंह करम सिंह हरिसिंह एवं समस्त बुक्सा समाज।

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