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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

नई दिल्ली (संवाद-सूत्र)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्रोएशिया के समकक्ष आंद्रेज प्लेंकोविच ने भेंट की 1790 में लैटिन में लिखी गई पहली संस्कृत व्याकरण की पुनर्मुद्रित प्रति, जिसे भारत में रहकर क्रोएशियाई विद्वान फिलिप वेज्दिन ने तैयार किया था। यह उपहार दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है।

🔹 पीएम मोदी की यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली आधिकारिक यात्रा है।
🔹 दोनों नेताओं ने कृषि, विज्ञान, संस्कृति, शिक्षा, प्ब्ज्, फार्मास्यूटिकल्स और समुद्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए अहम समझौते किए।
🔹 पीएम मोदी को ष्ब्तवंजपं – प्दकपं दृ ठपसंजमतंस छंअपहंजवतष् नामक पुस्तक भी भेंट की गई, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की एक झलक प्रस्तुत करती है।

🌍 बातचीत में वैश्विक सुरक्षा, मिडिल ईस्ट की स्थिति और भारत-म्न् सहयोग को लेकर भी गहन चर्चा हुई।
📈 व्यापार के आंकड़े बता रहे हैं कि दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते और भी मजबूत हो रहे हैं कृ 2025 की पहली तिमाही में व्यापार में 10ः की वृद्धि दर्ज की गई है।

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प्रति एकड़ तीन कट्टे खाद के लिए आवेदन कर सकते हैं किसान भाकियू प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने किसानों को दी खाद वितरण की जानकारीरुद्रपुर। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार प्रेम सिंह सहोता ने किसानों को खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। ब्लॉक अध्यक्ष हरपाल सिंह विर्क के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों से खाद को लेकर चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। सरदार प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से तीन कट्टे खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत आवेदन किया जा सकता है। जिन किसानों को खाद की आवश्यकता है, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर खाद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि खाद वितरण को लेकर किसी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित सोसाइटी अथवा जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने में पारदर्शिता और उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष हरपाल सिंह विर्क सहित क्षेत्र के किसान मौजूद रहे। किसानों ने खाद से संबंधित समस्याओं से प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने समस्याओं को उचित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।