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(रिपोर्ट- सागर धमीजा 9837877981)

(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

गदरपुर। शहरवासियों को पांच साल बाद एक बार फिर मौका मिला है कि वे अपनी शहर की सरकार चुने। प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रत्याशी अब मैदान में हैं। आने वाली 23 तारीख को मतदान होगा और इसके बाद 25 तारीख को जब मतगणना होगी तो इस शहर की एक नई सरकार हमारे सामने होगी। इन दिनों शहर की हर गली में इन दिनों चुनाव की ही चर्चाएं हैं। प्रत्याशी गली गली जाकर वोट मांग रहे हैं आश्वासन दे रहे हैं। हर गली हर वार्ड की समस्याएं खुद ही बता रहे हैं और समाधान करवाने का वादा कर रहे हैं, लेकिन क्या चुनाव जीतने के बाद इन समस्याओं का समाधान पूर्ण रूप से हो पाता है, क्योंकि जिस प्रकार हाथ की पांचों उंगली बराबर नहीं होती उसी प्रकार जनता की हर समस्या का समाधान करना व जनता का दिल जीतना एक अध्यक्ष के हाथ में नहीं हो पाता

   नगर पालिकाएं सम्पूर्ण भारतवर्ष में अंग्रेजों के शासन के समय से ही स्थानीय स्वशासन की महत्वपूर्ण संस्था रही है।  नगर -निगम के समान ही नगर पालिका अपने क्षेत्र के निवासियों के लिए जन सुविधाओं की व्यवस्था करती है।

नगर पालिका का संगठन

(क) नगर पालिका परिषद : नगर पालिका की परिषद को नगर परिषद भी कहकर सम्बोधित किया जाता है। इसमें नगर के विभिन्न वार्डों� से निर्वाचित सदस्य होते हैं। कुछ सदस्य मनोनित भी होते हैं।

नगर पालिका अध्यक्ष का पद बहुत ही प्रतिष्ठा का पद माना जाता है। यह परिषद की सभाओं की अध्यक्षता करता है तथा विचार विमर्श में परिषद के सदस्यों का मार्गदर्शन भी करता है। नगर पालिका के प्रशासनिक कार्यों का सीधा नियंत्रण अध्यक्ष के द्वारा किया जाता है। ।

नगर पालिका अपने विभिन्न कार्यों को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए कुछ समितियों का गठन करती है जिसमें परिषद के अनुभवी तथा कर्मठ सदस्यों को शामिल करती है। इन समितियों में शिक्षा समिति, जल समिति, लोक निर्माण समिति, नागरिक स्वास्थ्य समिति,आदि प्रमुख हैं।

नगर पालिका के आय के स्रोत

१. कर स्रोत : इसमें मुख्य रुप से जल कर, शौचालय कर आदि सम्मिलित हैं।

२. गैर कर स्रोत : इसके अन्तर्गत लाइसेन्स फीस आदि को रक्खा जा करता है।

३. सरकारी अनुदान।

नगर पालिका के कार्य

१. दूषित जल निकास की व्यवस्था करना

२. सार्वजनिक स्थानों की सफाई करना;

३. शुद्ध पीने के जल की व्यवस्था करना;

४. सार्वजनिक गलियों में प्रकाश व्यवस्था करना;

५. सार्वजनिक शौचालयो की स्थापना और रख -रखाव करना;

६. खतरनाक अथवा आपत्तिजनक कार्यों पर नियंत्रण करना;

७. वृक्षारोपन को प्रोत्साहन देना;

८. गन्दे नालों तथा नालियों की सफाई और दूषित जल निकास की व्यवस्था करना;

९. सार्वजनिक पुस्तकालयों,बगीचों आदि का निर्माण तथा रख -रखाव करना;

१०. सर्वेक्षण करना।

इसके अलावा कई महत्वपूर्ण कार्य और भी हैं, जिसे नगर पालिका के अन्तर्गत सभासद एवं अध्यक्ष द्वारा पूरे किए जाते हैं।

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प्रति एकड़ तीन कट्टे खाद के लिए आवेदन कर सकते हैं किसान भाकियू प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने किसानों को दी खाद वितरण की जानकारीरुद्रपुर। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार प्रेम सिंह सहोता ने किसानों को खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। ब्लॉक अध्यक्ष हरपाल सिंह विर्क के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों से खाद को लेकर चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। सरदार प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से तीन कट्टे खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत आवेदन किया जा सकता है। जिन किसानों को खाद की आवश्यकता है, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर खाद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि खाद वितरण को लेकर किसी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित सोसाइटी अथवा जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने में पारदर्शिता और उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष हरपाल सिंह विर्क सहित क्षेत्र के किसान मौजूद रहे। किसानों ने खाद से संबंधित समस्याओं से प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने समस्याओं को उचित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।