


(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
करीब 7 साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग उत्तर कोरिया के दौरे पर पहुंचे हैं। प्योंगयांग में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और उनकी पत्नी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की जाएगी।
शी चिनफिंग का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच 2024 में पारस्परिक रक्षा समझौता भी हुआ था, जिसने वैश्विक स्तर पर नई चर्चाओं को जन्म दिया था।
चीन और उत्तर कोरिया इस साल अपनी मित्रता, सहयोग और पारस्परिक सहायता संधि की 65वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। शी चिनफिंग ने कहा है कि दोनों देशों को राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहिए।
वहीं, उत्तर कोरिया ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह अपने परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के दर्जे पर किसी तरह की बातचीत नहीं करेगा। किम जोंग-उन की बहन किम यो जोंग ने कहा कि देश की परमाणु नीति अपरिवर्तनीय है।
बदलते वैश्विक समीकरणों, रूस-उत्तर कोरिया नजदीकियों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
