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करवा चौथ का महापर्व देश के कई हिस्सों में चंद्रमा दिखने के साथ ही सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है. पति की लंबी उम्र और सलामती के लिए रखा जाने वाला सुहागिनों का यह निर्जला व्रत देर शाम चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ ही पूरा हो गया. आज सुबह सूर्योदय से शुरू हुआ यह कठिन व्रत, शाम होते-होते अपने सबसे प्रतीक्षित क्षण तक पहुंचा. लाखों सुहागिनों की निगाहें आसमान पर टिकी थीं और जैसे ही चंद्रमा ने दर्शन दिए, मंदिरों और घरों में उत्सव का माहौल बन गया।  

    करवा चौथ भारतीय संस्कृति का एक ऐसा पर्व है, जो पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. आज विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा। चंद्रमा को देखने और अर्ध्‍य देने के बाद ही महिलाएं व्रत खोला. त्योहार के कारण बाजारों और मॉल्स में जबरदस्त भीड़ देखी गई, जहां महिलाओं में खरीदारी का गजब का उत्साह दिखा।

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