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अस्पताल में जलकर 10 बच्चों की मौत, छह लापता… बड़ा सवाल कितने सुरक्षित हैं उत्तराखंड के अस्पताल
(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

(रिपोर्टर सागर धमीजा)


इस घटना के बहाने उत्तराखंड के अस्पतालों में मौजूद एसएनसीयू की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर चिंतन शुरू हो गया है,


झांसी( संवाद सूत्र) के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवारको बालlरोग विभाग के एसएनसीयू वार्ड में देर रात भीषण आग लग गई। इस घटना में 10 नवजातों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हालांकि वार्ड के दरवाजे-खिड़की तोड़कर 37 शिशुओं को बाहर निकाला गया। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने 12 घंटे के भीतर हादसे की पूरी रिपोर्ट मांगी है। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज में रात 10:30 बजे आग लगी। जब तक अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर कुछ समझ पाते, आग की लपटें पूरे वार्ड में फैल गई। पूरा वार्ड धुएं से भर गया और चीख-पुकार मच गई। बताया जाता है कि मेडिकल कॉलेज के फायर फाइटिंग सिस्टम से कोई मदद नहीं मिल सकी। जब तक दमकल गाड़ियां अस्पताल पहुंचतीं, 10 बच्चेइस घटना के बहाने उत्तराखंड के अस्पतालों में मौजूद एसएनसीयू की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर चिंतन शुरू हो गया है।

दरअसल, झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवारको बालरोग विभाग के एसएनसीयू वार्ड में देर रात भीषण आग लग गई। इस घटना में 10 नवजातों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हालांकि वार्ड के दरवाजे-खिड़की तोड़कर 37 शिशुओं को बाहर निकाला गया। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने 12 घंटे के भीतर हादसे की पूरी रिपोर्ट मांगी है। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।



प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज में रात 10:30 बजे आग लगी। जब तक अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर कुछ समझ पाते, आग की लपटें पूरे वार्ड में फैल गई। पूरा वार्ड धुएं से भर गया और चीख-पुकार मच गई। बताया जाता है कि मेडिकल कॉलेज के फायर फाइटिंग सिस्टम से कोई मदद नहीं मिल सकी। जब तक दमकल गाड़ियां अस्पताल पहुंचतीं, 10 बच्चे

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