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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

किच्छा (संवाद-सूत्र)। सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम ने सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान (बाट- माप) शांति भंडारी को 10000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास इन दिनों प्रभारी वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विभाग किच्छा का प्रभार भी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
       शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) कार्यालय में शिकायत की थी कि वह हर प्रकार के वजन तौलने वाले कांटे, बाट बेचने और उनको ठीक करने का काम करते हैं। इसके लिए बाट-माप विभाग से लाइसेंस लेना होता है। कांटे-बाट की मरम्मत के लाइसेंस के लिए आवेदन करने पर सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान (बाट माप) प्रभारी वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विभाग किच्छा ने उनका काम तो कर दिया लेकिन अब वह उन्हें परेशान कर रही हैं। वह लाइसेंस निरस्त करने की धमकी देकर रिश्वत की मांग कर रही हैं। प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर सीओ विजिलेंस अनिल सिंह मनराल ने ट्रैप टीम का गठन किया। निदेशक विजिलेंस डॉ. वी मुरूगेशन ने ट्रैप टीम को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
     विजिलेंस अधिकारियों ने चीनी मिल बंडिया के निकट शिवपुरम कॉलोनी स्थित कार्यालय से आठ घंटे तक जांच पड़ताल की। बताया जा रहा है कि शांति भंडारी राजपत्रित अधिकारी हैं, ऐसे में शासन की अनुमति के बिना उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकती थी। अधिकारी उनके कार्यालय में 11 बजे पहुंच गए थे। देर शाम सात बजे उनकी विधिवत गिरफ्तारी हो सकी। बाद में टीम उन्हें अपने साथ हल्द्वानी ले गई।

 

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