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नोएडा वृद्धाश्रम सीलः नरक जैसी स्थिति से 39 बुजुर्गों को छुड़ाया गया, मल मूत्र से सने कपड़े पहने मिले वृद्ध, हजारों रूपये अनुदान मिलता है,
(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

(9917322413)


नोएडा (संवाद सूत्र) के सेक्टर‑55 स्थित “आनंद निकेतन” वृद्धाश्रम में  हुई छापेमारी में 39 बुज़ुर्गों को अमानवीय हालात में पाया गया। रेड में राज्य महिला आयोग, पुलिस, समाज कल्याण और जिला प्रोबेशन विभाग की संयुक्त टीम शामिल थी। सभी बुज़ुर्गों को वहां से निकालकर अस्थायी सरकारी आश्रय स्थलों पर भेजा गया है।

रेड के दौरान कई बुज़ुर्ग गंदे कपड़ों में, गंधयुक्त कमरों में, मल-मूत्र से सनी चादरों के बीच पाए गए। कुछ लोगों के हाथ बांधे गए थे और कुछ तहखानों जैसी जगहों में बंद थे।

इस कार्रवाई का आधार सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो बना, जिसमें वृद्धाश्रम की भयावह स्थिति उजागर हुई थी। इसके बाद शासन ने संज्ञान लेते हुए तुरंत छापा मारने का निर्देश दिया।


रेस्क्यू टीम ने बंद दरवाज़े तोड़कर बुज़ुर्गों को बाहर निकाला। कई महिलाएं बिना उचित वस्त्रों के थीं, पुरुषों को संकुचित कमरों में कैद पाया गया। सभी को चिकित्सकीय जांच के बाद सरकारी देखरेख में भेजा गया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि आश्रम से ₹2.5 लाख की डोनेशन और ₹6,000 मासिक शुल्क लिया जाता था, जबकि सुविधा नाम मात्र की भी नहीं थी। नोएडा के कई संभ्रांत परिवार इससे जुड़े हुए थे।

यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि समाज के संवेदनशील वर्गों के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी की याद भी दिलाता है।






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