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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

रूद्रपुर (सू.वि)। जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने कहा कि मानसून प्रारम्भ हो चुका है मौसम विज्ञान विभाग द्वारा लगातार मौसम की पूर्वानुमान चेतावनी जारी की जा रही है इसलिए सभी अधिकारी संजिदा होकर अलर्ट मोड पर रहे साथ ही उपलब्ध संसाधनों को भी तैयार रखे।
        कलेक्ट्रेट सभागार मे दैवीय आपदा (बाढ) तैयारियों की समीक्षा बैठक लेते हुये जिलाधिकारी श्री सिंह ने अधिकारियों को दैवीय आपदा से निपटने के लिये तैयार रहने के निर्देश दिये साथ ही कहा सभी अधिकारी सजग रहे व 24 घंटे फोन अनिवार्य रूप से खुला रखेगें। उन्होने कहा कि मानसून की दो बारिश हो चुकी है कही पर जो कमियां सामने आयी है सभी संबंधित अधिकारी जमीनी स्तर पर निरीक्षण करंे दुबारा से सभी आवश्यक तैयारियां कर लें, तथा ऐसे क्षेत्र जहां पर पिछले वर्षाे मे जलभराव एवं बाढ का अधिक प्रभाव रहा है वहॉं पर सुरक्षात्मक कार्याे पर अधिक ध्यान दिया जाये। उन्होने कहा कि इस सम्बन्ध मे सभी उप जिलाधिकारी अपने क्षेत्रो मे पुलिस अधिकारियो, सिंचाई, लोनिवि, नगर पालिका, नगर पंचायत, नगर निगम से समन्वय बनाकर कार्य करते रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि गतवर्ष काशीपुर, बाजपुर, सितारगंज तथा खटीमा आदि क्षेत्र में बाढ़ एवं जल भराव हुआ था उसको देखते हुये अभी से कम करने हेतु कार्य करें तथा बाढ़, जल भराव सम्भावित क्षेत्रों पर पैनी नजर रखें। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा को रोका नहीं जा सकता लेकिन आपसी तालमेल व कार्य के प्रति कर्मठ व तत्परता से कार्य करने पर उससे होने वाली क्षति को कम जरूर किया जा सकता है। उन्होने कहा कि तहसीलों में स्थापित सभी कन्ट्रोल रूम, बाढ़ चैकियां, बाढ़ नियंत्रण केन्द्र सक्रियता से कार्य करें तथा सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करे ताकि आपदा राहत कार्य शीघ्रता से किये जा सकें। उन्होने सिचांई विभाग को नदी नालों की सफाई कराने व उनमे पैनी नजर रखने के साथ ही नगर निगम को लगातार नाली, नालों की सफाई कराने के साथ ही मोबाईल टीमें तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि आपदा के कार्य जो किये जा रहे है या किये जायेगें उनके कार्य के पूर्व व बाद के फोटोग्राफी अवश्य करायी जाये।
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जीर्ण-क्षीण विद्यालय भवनों को चिन्हित करने के साथ ही उनमे विद्यार्थियों का पठन-पाठन कतई न कराने के निर्देश दिये। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को जल जनित बीमारियों की पर्याप्त मात्र में दवाईयां प्रत्येक चिकित्सालयों के साथ ही बाढ़/जल भराव सम्भावित क्षत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में रखने के निर्देश दिये साथ ही उपलब्ध दवाई भण्डारण की सूचना सभी एसडीएम, खण्ड विकास अधिकारी, आपदा कन्ट्रोल रूम आदि को देना भी सुनिश्चित करेगें। उन्होने कहा कि वर्षा काल में सर्प दंश मामले भी अधिकांश रहते है इसलिए चिकित्सालयों में पर्याप्त स्नैक एन्टीवेनम रखने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार जोशी, पंकज उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 मनोज शर्मा, उप नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, गौरव पाण्डेय, मुख्य शिक्षा अधिकारी केएस रावत, मुख्य कृषि अधिकारी एके वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 एसबी पाण्डे, अधिशासी अभियन्ता लोनिवि ओपी सिंह, सिंचाई पीसी पाण्डे, जल संस्थान तरूण शर्मा, जिला युवा कल्याण अधिकारी बीएस रावत, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी उमा शंकर नेगी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध मौजूद थे व वर्चुअल के माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी, ईओ व विभागीय अधिकारी जुड़े थे।

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