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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

रूद्रपुर। अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने 8 अक्टूबर, 2025 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की जिला सभागार में बैठक ली। 

आगामी 8 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन, दिए आवश्यक दिशा निर्देश

   अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी संस्था, मदरसों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में शतप्रतिशत बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाये। 

     उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा दवाई खाने से न छूटे। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों, तकनीकि शिक्षण संस्थानों के साथ ही पैरामेडिकल कॉलेजों में भी 19 वर्ष तक की आयु वर्ग के विद्यार्थियों को चिन्हित करते हुए दवाई खिलाई जाये। उन्होंने स्कूल न जाने वाले सभी बालक, बालिकाओं, श्रमिक के बच्चों एवं घुमन्तू बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्र पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री के माध्यम से कृमि नाशक दवा एल्बेंण्डाजॉल खिलाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि कृमि मुक्ति दिवस पर दवाई खाने से वंचित बच्चों को 15 अक्टूबर को मॉप-अप दिवस पर दवाई खिलाई जाये। 

    अपर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी स्कूलों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर दवाई समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विद्यालयों, मदरसों के शिक्षकों, आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्यकत्रियों को दवाई खिलाने के तरीके एवं प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी पम्पलेट/वीडियो क्लीप के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि 8 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में बच्चों की अधिक से अधिक उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए स्वास्थ्य विभाग को पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिये। 

 मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि जनपद में 1 से 19 वर्ष तक के 604459 बच्चों को दवाई खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि जनपद में 2288 विद्यालयों एवं 2388 आंगनबाड़ी केन्द्रों में एलबेन्डाजोल की दवाई खिलायी जायेगी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि एलबेन्डाजोल की 400 एमजी की दवा 1 से 2 साल तक के बच्चों को आधी टेबलेट चम्मच में घोलकर तथा 3 साल तक के बच्चों को पूरी टेबलेट पानी में घोलकर पिलाई जायेंगी। उन्होंने बताया कि 3 से 19 वर्ष से बच्चों, किशोर/किशोरियों को पूरी गोली चबा-चबा कर खिलाई जायेगी। उन्होंने बताया कि 1 से 19 साल के सभी बच्चों को आंत के कृमि संक्रमण का खतरा रहता है, कृमि मनुष्य की आंत में रहकर, मानव शरीर ऊतकों से जरूरी पोषक तत्वों को खाते हैं, जिससे बच्चों में #कुपोषण एवं खून की कमी होने लगती है तथा बच्चों की कार्य क्षमता घटने लगती है। उन्होंने बताया कि तीव्र संक्रमण के कारण बच्चे थके हुए एवं अक्सर बीमार रहने लगते हैं।

 बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिन्हा, एसीएमओ डॉ. हरेन्द्र मलिक, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी नंदनी तोमर, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी एनएस धालीवाल, रामप्रकाश गुप्ता, सत्य प्रकाश चौहान, डीपीओ मो. आमिर खां, हिमांशु मशूनी, चांद मियां, जावेद अहमद, निधि शर्मा, विजय सिंह, सहित जनपद के एमओआईसी एवं सम्बन्धित विभाग के अधिकारी वर्चुअल के माध्यम से जुडे़ थे।

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