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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

नई दिल्ली (संवाद सूत्र)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया है कि वह मुसलमानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे मुस्लिम भाइयों को सीएए को लेकर गुमराह किया जा रहा है और भड़काया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले पूरे देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू हो जाएगा। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात की घोषणा की है। उन्होंने कहा, “मैं साफ कर देना चाहता हूं कि सीएए किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनेगा। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर रहे पाकिस्तानी, अफगानिस्तानी और बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है।” नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए सीएए का उद्देश्य हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयों सहित सताए गए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है, जो 31 दिसंबर, 2014 से पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आए हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा को 300 से ज्यादा सीट मिलेंगी। जबकि, एनडीए 400 से ज्यादा सीट हासिल करेगा। आम चुनावों के नतीजों पर कोई संशय की स्थिति नहीं है। यहां तक की कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को भी एहसास हो गया है कि उन्हें फिर से विपक्ष मैं बैठना होगा। शाह ने कहा, हमने संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म कर दिया, पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देता था। इसलिए हमें भरोसा है कि देश के लोग भाजपा के 370 सीटों और एनडीए को 400 से अधिक सीटों का आशीर्वाद देंगे। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर उन्होनें कहा कि, नेहरू-गांधी परिवार के वारिस को इस तरह के मार्च के साथ आगे बढ़ने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि 1947 में देश के विभाजन के लिए उनकी पार्टी जिम्मेदार थी। समान नागरिकता संहिता को लेकर अमित शाह ने कहा कि चुनाव से पहले इसे लेकर अधिसूचना आ जाएगी। इस संबंध में नियम जारी करने के बाद इसे लोकसभा चुनाव से पहले ही लागू किया जाएगा। उन्होनें साफ किया कि सीएए किसी के लिए भी नागरिकता छीनने का कानून नहीं है। हमारे मुस्लिम भाईयों को गुमराह किया जा रहा है। भड़काया जा रहा है। सीएए केवल उन लोगों को नागरिकता देने के लिए है जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न का सामना करने के बाद यहां आए हैं। यह किसी भी भारतीय की नागरिकता छीनने का कानून नहीं है।

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