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बड़ी खबर: डीजीपी की रेस से अभिनव कुमार बाहर, पहले नंबर पर दीपम सेठ का नाम
(संवाद सूत्र )कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड


पैनल में पहले नंबर पर 1995 बैच के भारतीय पुलिस

सेवा के अधिकारी दीपम सेठ का नाम है। दूसरे स्थान

पर 1995 बैच के ही अधिकारी पीवी के प्रसाद और

तीसरे स्थान पर 1997 बैच के आईपीएस अमित

कुमार सिन्हा का नाम है। शासन जल्द यूपीएससी की

सिफारिश का परीक्षण कर निर्णय लेगा। पिछले दो

दिन से डीजीपी पद पर तीन नामों के पैनल की चर्चाएं

शिद्दत से हो रही थीं। चर्चाओं को लेकर जो कुहासा

बना था, बृहस्पतिवार यह छंट गया।

गृह विभाग के मुताबिक, यूपीएससी ने तकनीकी आधार पर अभिनव कुमार का नाम पैनल में शामिल नहीं किया है। अभिनव का नाम उत्तर प्रदेश कैडर की सूची में शामिल है, जबकि वह राज्य बनने से पहले उत्तराखंड में कार्यरत थे और इसी राज्य को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हाईकोर्ट ने अभिनव कुमार के कैडर आवंटन संबंधी याचिका में उत्तराखंड में कार्य करते रहने का स्थगन आदेश दिया है।
इसी आधार पर अभिनव यहां सेवाएं दे रहे हैं। शासन यूपीएससी की अनुशंसा पर सम्यक परीक्षण और सभी विधिक पहलुओं पर विचार करते हुए आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। ज्ञात हो कि 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार को पिछले साल 30 नवंबर को डीजीपी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह उस शिथिलता से हुआ था, जो देश के पांच राज्यों के लिए बरती गई थी। इसके तहत कहा गया था कि जहां डीजी रैंक के अधिकारी नहीं हैं, वहां 25 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके एडीजी रैंक के अधिकारी को कार्यकारी डीजीपी बनाया जा सकता है। लेकिन, इस बीच देश के कई राज्यों को सुप्रीम कोर्ट से इस व्यवस्था को लेकर फटकार भी पड़ी। राज्य सरकार की ओर से नियमित डीजीपी के लिए सात पुलिस अफसरों के नाम यूपीएससी को भेजे गए। पिछले दिनों यूपीसीएससी ने नामों की समीक्षा कर तीन नामों का पैनल तैयार किया और इसका कार्यवृत्त उत्तराखंड सरकार को भेज दिया। नामों के पैनल में पहले स्थानपहले स्थान पर रहे सेठ पांच साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी कर चुके हैं।
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