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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

(9917322413)

मंडी अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू के विशेष प्रयासों को मिली सफलता, मंडी शुल्क में डेढ़ प्रतिशत और विकास उपकर आधा प्रतिशत निर्धारित

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गदरपुर खबर रुद्रपुर, 15 अक्टूबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद के तहत बेचे जाने वाले गेहूं और धान पर मंडी शुल्क एवं विकास उपकर को कुल 2 प्रतिशत निर्धारित करने की स्वीकृति दे दी है। इस फैसले को मंडी अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू के विशेष प्रयासों की महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले इन कृषि उत्पादों पर मंडी शुल्क ढाई प्रतिशत था, जिसे घटाकर अब कुल 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राइस मिलों और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

जारी अधिसूचना के अनुसार, गेहूं और धान की सरकारी खरीद पर 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क तथा 0.5 प्रतिशत विकास उपकर लागू होगा। यह व्यवस्था भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मंडी क्षेत्र में होने वाली सरकारी खरीद पर लागू होगी। इसके अंतर्गत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग अथवा उसके द्वारा नामित संस्था या व्यापारी के माध्यम से किसानों से खरीदे जाने वाले गेहूं और धान के सौदे शामिल होंगे।

यह निर्णय उत्तराखंड कृषि उत्पाद मंडी (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2011 की धारा 27 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, नया शुल्क ढांचा जारी होने की तिथि से प्रभावी हो गया है।

मंडी शुल्क में ढाई प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किए जाने से सरकारी खरीद व्यवस्था से जुड़े राइस मिल कारोबारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही, कृषि उपज की खरीद प्रक्रिया में लागत का बोझ कम होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्वीकृति और मंडी अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू के प्रयासों को इस फैसले की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।

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