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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

देहरादून (संवाद-सूत्र)। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायत आरक्षण प्रस्ताव पर राज्यभर से आई 3000 से अधिक आपत्तियों का निपटारा कर लिया गया है। अब आज, बुधवार को ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों में आरक्षण की स्थिति का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, जिससे आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग कल यानी 19 मार्च को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। इसके साथ ही पंचायत चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। बता दें प्रदेश के 12 जिलों में भारी संख्या में आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इनमें देहरादून से 302,अल्मोड़ा में 294, पिथौरागढ़ में 277 आपत्तियां मिली है। इसके अलावा चंपावत जिले में 337, पौड़ी में 354 रुद्रप्रयाग में 90, चमोली में 213, उत्तरकाशी में 283 और टिहरी जिले में 297 आपत्तियां प्राप्त हुई थी। आयोग ने इन सभी पर विस्तार से विचार कर अंतिम निर्णय लिया है। आरक्षण सूची के प्रकाशन के साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अगले महीने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने की प्रबल संभावना है। प्रदेश की त्रिस्तरीय, ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों का कार्यकाल पिछले साल 2024 में खत्म हो चुका है, लेकिन इस बीच चुनाव न कराने की वजह से पंचायतों में प्रशासकों की दो बार नियुक्ति हो चुकी है। पहले निवर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों को और अब प्रशासनिक अधिकारियों को पंचायतों का प्रशासक बनाया गया है। इसे देखते हुए सरकार अब अधिक समय तक चुनाव टालने की स्थिति में नहीं है। यही वजह है कि आरक्षण का निर्धारण किए जाने के बाद अगले महीने चुनाव कराने की तैयारी है। पंचायतीराज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग इसके लिए कवायद में जुटे हैं, लेकिन आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में बरसात के दौरान जब पहाड़ में नदी, नाले व गदेरे उफान पर होंगे चुनाव करवाना आसान नहीं होगा। वहीं आयोग के सामने इस मौसम में मत प्रतिशत बढ़ाना भी चुनौती होगी। शासन की ओर से जारी अधिसूचना में भी प्रस्तावित चुनाव अगले महीने जुलाई में करवाया जाना बताया गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के अनुसार पंचायत चुनाव के लिए राज्य सरकार से विचार विमर्श किया जाना है। बारिश की वजह से चुनाव को बहुत अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जा सकता है। प्रदेश में अक्तूबर 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया था। तब 69.59 फीसदी मतदान हुआ था। इसमें सबसे अधिक ऊधमसिंह नगर में 84.26 फीसदी और सबसे कम अल्मोड़ा में 60.04 फीसदी मतदान हुआ था। प्रदेश के पर्वतीय जिलों में पहले ही मतदान प्रतिशत कम रहा है। पौड़ी में 61.79 और रुद्रप्रयाग में 62.98 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं, टिहरी में मतदान 61.19 प्रतिशत हुआ।

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प्रति एकड़ तीन कट्टे खाद के लिए आवेदन कर सकते हैं किसान भाकियू प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने किसानों को दी खाद वितरण की जानकारीरुद्रपुर। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार प्रेम सिंह सहोता ने किसानों को खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। ब्लॉक अध्यक्ष हरपाल सिंह विर्क के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों से खाद को लेकर चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। सरदार प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से तीन कट्टे खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत आवेदन किया जा सकता है। जिन किसानों को खाद की आवश्यकता है, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर खाद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि खाद वितरण को लेकर किसी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित सोसाइटी अथवा जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने में पारदर्शिता और उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष हरपाल सिंह विर्क सहित क्षेत्र के किसान मौजूद रहे। किसानों ने खाद से संबंधित समस्याओं से प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने समस्याओं को उचित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।