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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

कनाडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद अब कबूला है कि खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों ने देश में पनाह ले रखी है।
कनाडा की प्रमुख खुफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि खालिस्तान समर्थक आतंकवादी भारत में हिंसा को बढ़ावा देने, फंड जुटाने और योजना बनाने के लिए कनाडा की धरती का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीएसआईएस ने बुधवार को अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। कनाडा की खुफिया एजेंसी सीएसआईएस की रिपोर्ट में साफ तौर से कहा गया है, खालिस्तानी चरमपंथी मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने, फंड जुटाने या योजना बनाने के लिए कनाडा को आधार के रूप में इस्तेमाल करना जारी रखे हुए हैं।
भारत सालों से कनाडा को आगाह करता रहा है कि वहां खालिस्तानी आतंकवादियों के अड्डा बन हुआ है, लेकिन कनाडा ने तो जैसे आंखें ही मूंद रखी थी। सीएसआईएस रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा भारत विरोधी तत्वों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। इसके साथ ही एजेंसी ने यह भी कहा है कि अब जाकर हमें इस बात का इल्म हुआ है कि भारत की ओर से सालों से जताई जा रही चिताएं सच थीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 1980 के दशक में कनाडा में राजनीति से प्रेरित हिंसक उग्रवाद का खतरा मुख्य रूप से कनाडा की धरती से पनपे उग्रवाद से आया था।

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