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(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

रुद्रपुर (संवाद सूत्र)। विभागीय वाहन को क्षति पहुंचाने वाले डम्पर स्वामी के विरूद्ध लिखित शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे विधि विज्ञान प्रयोगशाला के कर्मचारी को कोतवाल ने सरेआम बुरी तरह से हड़का दिया। इस दौरान कोतवाल के दुर्व्यवहार की वीडियोग्राफी कर रहे मीडियाकर्मी को भी कोतवाल ने नहीं बख्शा।

   कोतवाल के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ मीडिया कर्मी का मोबाईल छीन लिया बल्कि उसके साथ अभद्रता भी की। जिससे पत्रकारों में रोष है। बताया जाता है कि किच्छा बाईपास रोड़ पर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में निर्माण कार्य चल रहा है। जहां 11 जून को मिट्टी लेकर आये एक डम्पर की चपेट में आकर पार्किंग में खड़ा फील्ड यूनिट का विभागीय वाहन संख्या यूके 07 जीए 1285 क्षतिग्रस्त हो गया। डम्पर स्वामी द्वारा वाहन की क्षतिपूर्ति न देने पर इसकी लिखित शिकायत लेकर बुधवार प्रातः विभाग का कर्मचारी कोतवाली पहुंचा और कोतवाल को मामले की विस्तार से जानकारी देनी चाही। परंतु जब कोतवाल ने उसकी शिकायत पर कोई तवज्जो नहीं दी तो कर्मचारी ने यह कह दिया कि यदि विभागीय कार्य आपसे नहीं हो सकता है तो क्या वह एसएसपी के पास चला जाये। उसका इतना कहना था कि कोतवाल पूरी तरह से बिफर पड़े और कर्मचारी को खूब खरी खोटी सुना दी। इसी दौरान वहीं खड़े एक मीडियाकर्मी दीपक शर्मा ने जब उनकी वीडियो बनानी शुरू की तो उसे देखते ही कोतवाल ने उस पर भी अपना रौब दिखाते हुए पास खड़े पुलिसकर्मी को उससे मोबाईल छीन लेने और बनाई गई वीडियों को डिलीट करने को कहा। जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने मीडिया कर्मी का मोबाईल छीन लिया। मामले की जानकारी मिलते ही पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया। इधर विधि विज्ञान प्रयोगशाला के कर्मी ने कहा है कि वह इस प्रकरण की जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को देंगे। कोतवाली परिसर में वीडियो बना रहे पत्रकार दीपक शर्मा से मोबाईल लेकर बनाई गई वीडियों को डिलीट करने का आदेश देने वाले कोतवाल के खिलाफ पत्रकारों के एक शिष्टमंडल ने एसपी सिटी मनोज कत्याल से मुलाकात कर उन्हें तहरीर सौंपी। तहरीर में दीपक ने बताया कि वह प्रतिदिन की तरह न्यूज कवरेज के लिये कोतवाली गये थे, जहां एक हेड कांस्टेबल भूपेश मर्तोलिया अपनी परेशानी को लेकर कोतवाली आये थे। उनसे मुलाकात होने पर उनकी न्यूज कवरेज के लिये वह पूरे मामले की जानकारी वीडियो के माध्यम से अपने मोबाईल में कैद की तो अचानक कोतवाल धीरेन्द्र कुमार मौके पर आ गये और उनके हाथ से मोबाईल छीन लिया और मौके पर मौजूद एसएसआई दीपक कौशिक को देकर सब कुछ डीलिट करने का कहा। दीपक का कहना है कि उसने किसी तरह कोतवाल से फोन मांगा तो कोतवाल ने उससे अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुये उसे बाहर जाने को कहा और दोबारा कोतवाली में आने से मना कर दिया। शिष्ट मण्डल ने एसपी सिटी से कहा कि न्यूज को कवर करना पत्रकारों का लोकतांत्रिक अधिकार है, इस तरह कोतवाल द्वारा दुव्यर्वहार करना निन्दनीय है। पत्रकारों की बात सुनने के बाद एसपी सिटी ने कहा कि कोतवाल द्वारा किया गया यह व्यवहार गलत है। वह इस सन्दर्भ में जांच करवायेंगे।        शिष्टमण्डल में सन्दीप पाण्डे, भूपेश छिम्बाल,अमन सिंह, गोपाल भारती, मनीष बाबा, जमील अहमद, अर्जुन कुमार,राज कुमार शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा, बबलू पाल, मुकेश, राम पाल धनकर,सत्यजीत, अन्नू सक्सेना, भानू, सूरज, ललित पाण्डे, संजीव, रणजीत, सुमित आदि पत्रकार मौजूद थे।

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