(krishna varta gadarpur uttarakhand)
नेपाल. नेपाल के त्रिशूली स्थित त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से कम से कम दो मजदूरों को 9 दिन बाद जिंदा सुरक्षित बाहर निकाला गया है। कीचड़ से सने इन मजदूरों को रेस्क्यू टीम के सदस्य अपने कंधों पर उठाकर सुरंग से बाहर लाते दिखाई दिए। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने भी दो मजदूरों के सुरक्षित बचाए जाने की पुष्टि की है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए मजदूरों की पहचान कबीर महराजन और संजय शाह के तौर पर हुई है। संजय शाह नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी में मैकेनिकल फोरमैन हैं, जबकि कबीर महराजन त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सुपरवाइजर हैं। इस रेस्क्यू के बाद सुरंग के अंदर फंसे अन्य लोगों के भी जिंदा होने की उम्मीद बढ़ गई है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ के बाद 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से करीब 900 वर्कर लापता हैं। इनमें लगभग 500 लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में रेस्क्यू टीमों का अभियान लगातार जारी है। नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल की डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 1,290 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 5,000 से अधिक लोग लापता हैं। चीन ने भी तिब्बत के बॉर्डर क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। 9 दिन बाद दो मजदूरों का जिंदा मिलना इस भीषण आपदा के बीच उम्मीद की एक बड़ी किरण है।
