



(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
नई दिल्ली। विदेश में पढ़ाई की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। IELTS एग्जाम को लेकर अब बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत 2026 के मध्य से यह परीक्षा केवल कंप्यूटर बेस्ड फॉर्मेट में ही आयोजित होगी। यानी अब पेपर-पेन मोड को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
अब तक छात्रों के पास पेपर और कंप्यूटर दोनों विकल्प मौजूद थे, लेकिन British Council, IDP Education और Cambridge University Press & Assessment द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद कंप्यूटर आधारित परीक्षा को अपनाने पर सहमति बनी है।
इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह तेज रिजल्ट की मांग बताई जा रही है। कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट में स्टूडेंट्स को जल्दी परिणाम मिलते हैं, जबकि पेपर मोड में इसमें ज्यादा समय लगता था। इसके अलावा छात्रों को कंप्यूटर फॉर्मेट ज्यादा आसान और सुविधाजनक भी लग रहा है।
नई व्यवस्था में “वन स्किल रिटेक” जैसे फीचर का फायदा भी मिलेगा, जिसके तहत छात्र पूरे एग्जाम के बजाय किसी एक सेक्शन को दोबारा दे सकेंगे। हालांकि राइटिंग सेक्शन के लिए “पेपर पर लिखने” का विकल्प अभी भी जारी रहेगा।
IELTS परीक्षा में कुल चार सेक्शन होते हैं—लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग, जिनका स्कोर 0 से 9 बैंड के बीच दिया जाता है। यह परीक्षा 140 से ज्यादा देशों में मान्य है और विदेश में पढ़ाई व नौकरी के लिए अहम मानी जाती है।
