
(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
देहरादून (संवाद सूत्र)। देहरादून के आईएसबीटी चौकी प्रभारी देवेश खुगशाल रिश्वत लेते पकड़े गए जिसके बाद उन पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। आईजी गढ़वाल ने मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी है। जांच के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। विभाग में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस नीति अपनाई जाएगी। इस घटना के बाद तीन इंस्पेक्टरों का भी तबादला कर दिया गया है।
आईजी गढ़वाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है। उत्तराखंड पुलिस मित्रता, सेवा, सुरक्षा के तहत कार्य करती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीरो टॉलरेंस के तहत कार्य करने के आदेश जारी किए गए हैं। ऐसे में कोई भी कर्मी इस तरह के गंभीर प्रकरण में पकड़ा जाता है तो उसे सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि यह संदेश अन्य पुलिसकर्मियों को मिले।
सीओ सदर को सौंपी जांच
उन्होंने बताया कि सीओ सदर को प्रारंभिक जांच के निर्देश जारी किए गए है। वह शिकायत के अलावा पुलिस चौकी में तैनात पुलिस कर्मचारियों के बयान दर्ज करेंगे, इसके बाद अपनी रिपोर्ट देंगे। सीओ की रिपोर्ट के बाद बर्खास्तगी कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि दारोगा पूर्व में जहां-जहां तैनात रहा वहां भी उनके रिकॉर्ड के बारे में पूछताछ की जाएगी।
आईएसबीटी चौकी प्रभारी देवेश खुगशाल के रिश्वत प्रकरण के बाद पुलिस विभाग में काफी हलचल हो गई है। एसएसपी अजय सिंह ने पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक हरिओम चौहान को हटाने के बाद शहर कोतवाल चंद्रभान अधिकारी को पटेलनगर कोतवाली को प्रभारी निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है। इंस्पेक्टर चंद्रभान अधिकारी ने शहर कोतवाल रहते हुए कानून व्यवस्था की तरफ अच्छा काम किया है, इसी को देखते हुए उन्हें पटेलनगर कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दूसरी ओर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप पंत को शहर कोतवाल बनाया गया है। प्रदीप पंत पूर्व में शहर कोतवाली में एसएसआई रह चुके हैं और उन्हें शहर कोतवाली क्षेत्र का काफी अनुभव भी है।
ये था खुगशाल का मामला
बुधवार को विजिलेंस ने चौकी प्रभारी आईएसबीटी देवेश खुगशाल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। उन्होंने शिकायतकर्ता से मुकदमे से नाम हटाने की एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसका एडवांस एक लाख रुपये वह बुधवार को ले रहे थे। इसी दौरान उनके कक्ष की अलमारी के लॉकर की तलाशी में विजिलेंस को साढ़े तीन लाख कैश मिला।
घटना के बाद शुक्रवार को आईजी राजीव स्वरूप के आदेश पर एसएसपी अजय सिंह ने पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक हरिओम चौहान को हटा दिया था। उन्हें पुलिस कार्यालय में तैनात किया गया है।

