
- (कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)
काशीपुर । किसान सुखवंत सिंह द्वारा आत्महत्या करने के मामले में एसएसपी ऊधमसिंह नगर ने कड़ा कदम उठाया है। मामले में लापरवाही बरतने पर आईटीआई कोतवाली प्रभारी और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि चौकी प्रभारी समेत पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले की विभागीय जांच आईपीएस अधिकारी एवं एसपी क्राइम निहारिका तोमर को सौंपी है। शनिवार देर रात काशीपुर के गांव पैगा निवासी 40 वर्षीय किसान सुखवंत सिंह ने भू-माफिया पर भूमि खरीद-फरोख्त की आड़ में चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए हल्द्वानी के गौलापार के एक होटल में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में उसने आईटीआई कोतवाली और पैगा चौकी पुलिस पर कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं आयुक्त को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। वहीं एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने भी तत्काल सीओ बाजपुर को मामले की जांच सौंपी थी। सोमवार को जांच के आधार पर लापरवाही पाए जाने पर आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा पैगा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, सिपाही भूपेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, सुरेश चंद्र, योगेश चौधरी, राजेंद्र गिरी, दीपक प्रसाद और संजय कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। कोट… मामले में लापरवाही बरतने पर आईटीआई कोतवाली प्रभारी और एसआई को निलंबित किया गया है और चौकी इंचार्ज समेत पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर किया गया है। जिले में अपराध और कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में 26 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है -मणिकांत मिश्रा, एसएसपी ऊधमसिंह नगर

