
(रिपोर्ट- सागर धमीजा 9837877981)
(कृष्णा वार्ता गदरपुर उत्तराखंड)

किच्छा। ग्राम गऊघाट में द हंस फाउंडेशन मोबाइल मेडिकल यूनिट किच्छा-1 शिविर में आए हुए लाभार्थियों को बताया गया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। आपको बता दें कि 21 जून का दिन साल का सबसे बड़ा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घायु प्रदान करता है। इसलिए इस दिन, योग दिवस मनाया जाता है।
*योग क्या है?*
योग आध्यात्मिक, शारीरिक और मानसिक प्रथाओं का एक समूह है जिसकी उत्पत्ति प्राचीन भारत में हुई थी। योग का शाब्दिक अर्थ है जोड़ना। योग शारीरिक व्यायाम, शारीरिक मुद्रा (आसन), ध्यान, सांस लेने की तकनीकों और व्यायाम को जोड़ता है।
इस शब्द का अर्थ ही ‘योग’ या भौतिक का स्वयं के भीतर आध्यात्मिक के साथ मिलन है। यह सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना के मिलन का भी प्रतीक है, जो मन और शरीर, मानव और प्रकृति के बीच एक पूर्ण सामंजस्य का संकेत देता है। योग के अभ्यास का उल्लेख ऋग्वेद और उपनिषदों में भी मिलता है। तथा योग दिवस के उपलक्ष पर सामाजिक सुरक्षा अधिकारी जे.जे. कुमार ने शिविर में आए हुए लाभार्थियों के साथ मिलकर योगा करने की विधि तथा लोम विलोम करके दिखाया व करवाया इस टीम में लैब टेक्नीशियन नेहा अधिकारी व प्रीतम सिंह इत्यादि लोगों का सहयोग भी रहा।

